- Competitions on COVID-19 Appropriate Behaviour
- Creative Corner
- Creative Quarantine
- Department of Culture
- Department of Farmers welfare and Agriculture Development
- Department of Mines and Minerals
- Department of School Education - Madhya Pradesh
- Dil Se CM Radio Program
- Lok Seva Department
- Madhya Pradesh Tourism Department
- Smart City Bhopal
- आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण
- कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग
- तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग
- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
- नया मध्यप्रदेश
- मध्य प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड
- मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
- मध्यप्रदेश वन विभाग की वन्यजीव शाखा
- मध्यप्रदेश सरकार का सफल 1 वर्ष
- माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश
- लोक स्वास्थ्य विभाग, मध्य प्रदेश
- संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण विभाग
- सामाजिक न्याय एवं निशक्त जन कल्याण विभाग
- स्तनपान शिशु के जीवन का आधार
प्रदूषण मुक्त दिवाली उत्सव प्रतियोगिता
दीपावली एक दिवसीय पर्व नही, अपितु यह अनेकों त्योहारों का समूह है; ...

दीपावली एक दिवसीय पर्व नही, अपितु यह अनेकों त्योहारों का समूह है; इसीलिए इसे उत्सवों का मौसम भी कहा जाता है।
आइए इस बार हम सब पर्यावरण को बिना प्रदूषित किये दीपावली के उत्सव को मनाएं। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (EPCO) इस वर्ष ‘प्रदूषण मुक्त दीपावली उत्सव’ मनाने के लिए प्रदेश के सभी ईको क्लब विद्यालयों/महाविद्यालयों के छात्रों व उनके अध्यापकों/प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है जो निश्चित ही प्रदूषण मुक्त पर्यावरण बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल होगी।
आप इस वर्ष पर्यावरण को बिना हानि पहुंचाए, प्रदूषण रहित दीपावली कैसे मनाएंगे जो ‘हरित दीपावली’ शब्द को सार्थक करके समाज के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके। अभियान का उद्देश्य जन सामान्य को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए प्रेरित कर पर्यावरण को संरक्षित करना है। प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के व्यवहारिक IDEA के साथ ही प्रभारी अध्यापकों/प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों एवं छात्र व उसके द्वारा प्रेरित किये गए संबंधी/मित्र आदि के संबंध में भी फोटो या वीडियो साझा करें।
चयनित 10 प्रविष्टियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में रूपये 2,000/- एवं द्वितीय को रूपये 1,000/- के प्रोत्साहन पुरस्कार के साथ प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
प्रविष्टियाँ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 14 नवम्बर, 2019 है।
नियम एवं शर्तें:
• NGC के अंतर्गत संचालित प्रदेश के सभी ईको क्लब विद्यालय/महाविद्यालय का कोई भी विद्यार्थी/शिक्षक इस प्रतियोगिता में सहभागिता कर सकता है।
• प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियो को www.mp.mygov.in पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। प्रतिभागी https://mp.mygov.in/user/register/ पर जाकर स्वयं को रजिस्टर कर सकते हैं।
• एक प्रतिभागी द्वारा केवल एक प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी एक से अधिक प्रविष्टियाँ किसी भी प्रतिभागी के द्वारा स्वीकार्य नहीं की जाएंगी।
• सभी प्रविष्टियां केवल www.mp.mygov.in पर सबमिट की जानी चाहिए।
• Idea सुझाने के पीछे क्या तर्क है, इसका स्पष्टीकरण दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
• कृपया अपने Idea को PDF/Word फॉर्मेट के साथ-साथ फोटो या वीडियो भी अपलोड करें (फोटो अथवा वीडियो से अर्थ है कि आप किस तरह दीपावली को बिना प्रदूषण के मना रहे हैं, विडियो शेयर करने के लिए अपने वीडियो को facebook/youtube पर शेयर करें और उसके Link को PDF में अपने IDEA के साथ www.mp.mygov.in पर सबमिट करें)।
• प्रतिभागी को अपना नाम,पता, ई-मेल एड्रेस और फ़ोन नंबर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
• प्रविष्टियों का चयन EPCO के विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया जायेगा एवं पैनल का अंतिम निर्णय ही मान्य होगा।
• फोटो अथवा वीडियो में किसी भी प्रकार की सामग्री या कोई भी तत्व गैरकानूनी नहीं होना चाहिए।
• चयनित प्रविष्टि के सर्वाधिकार कार्यपालन संचालक एप्को (EPCO), मध्य प्रदेश की संपत्ति होगी एवं इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार सुरक्षित होगा।
• कृपया अपनी प्रविष्टि दिनांक 11 नवम्बर, 2019 अथवा उससे पूर्व भेजेंI
• प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि:
a) उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तों का अनुपालन किया है।
b) उनकी प्रविष्टियां मूल हैं।
c) उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन ना करती हो।








V K TYAGI 6 years 5 months ago
दीपावली का त्योहार हिन्दुओं के लिए विशेष महत्व का है इस त्योहार पर हर हिन्दू अपने घर की सफाई करता है घर में रंग रोगन करता है पुराने सामान को घर से बाहर निकाल देता है और नया सामान खरीदना शुभ मानता है बाजार से इस समय सबसे ज्यादा खरीद होती है नया सामान इस समय खरीदना शुभ माना जाता है इस त्योहार के समूह में चांदी व सोना खरीदना शुभ माना जाता है अन्य सामान खरीदना व वाहन खरीदना भी इस समय शुभ माना जाता है घर को लाइट्स से सजाना,फूलों से सजाना व लक्ष्मी पूजन करना इस समय विशेष है इस त्योहार का हिन्दुओं में
V K TYAGI 6 years 5 months ago
हमने दीवाली को मना लिया है हालाकि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में कम प्रदूषण हुआ है इसका कारण प्रचार अभियान है जो विभिन्न एजेंसियों ने चलाया अनेक लोगो ने इसमें भाग लिया छात्रों को प्रदूषण न करने के लिए प्रेरित किया इसका प्रभाव भी देखने को मिला हम जानते है कि यदि हम इसी प्रकार प्रयास करते रहे तो एक दिन ऐसा आएगा जब हम समस्या पर पूर्ण रूपेण विजय पा लेंगे और हम दीवाली को पूर्ण प्रदूषण मुक्त कर लेंगे
sandip ghayal 6 years 5 months ago
Please avoid fire cracker. Only light lamps should be used to celebrate Diwali.
Bhawna 6 years 5 months ago
सभी त्योहारों का महत्त्व सभी लोगों के लिए अलग अलग होता है। बच्चों के लिए त्योहार का दिन जश्न मनानें, खेलने-कुदने और खाने-पीने का दिन होता है, कुछ लोग त्योहार का दिन अपने दोस्तों और परिवार के साथ मनाते हैं और कुछ लोगों के लिए यह दिन आराम का दिन होता है। राष्ट्रीय, धार्मिक और मौसमी त्योहारों पर स्कूल, कॉलेजों, दफ्तरों में भी अनेक कार्यक्रमों जैसे निबंध प्रतियोगिता, कविता लेखन, भाषण आदि का आयोजन किया जाता है। आप हमारे इस पेज से भारत के प्रमुख त्योहारों पर निबंध, भाषण, कविता, मैसेज आदि पढ़ सकते हैं।
Bhawna 6 years 5 months ago
और इन्हें मनाने का तरीका भी अलग अलग है। राष्ट्रीय त्योहारों में गणतंत्र दिवस, 15 अगस्त, शिक्षक दिवस, 2 अक्टूबर गांधी जयंती आदि त्योहार प्रमुख हैं। धार्मिक त्योहारों में होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस आदि शामिल हैं और मौसमी त्योहरों में मकर संक्रांति, लोहड़ी, बैसाखी, पोंगल आदि बहुत से त्योहार हैं। भारतीय त्योहारों पर Essay on Festivals In Hindi में जाननें के लिए नीचे देखें।
Bhawna 6 years 5 months ago
भारत त्योहारों का देश हैं जहां पूरे साल अलग अलग त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाते हैं। भारत में सभी धर्मों के लोग अपना त्योहार एक साथ मिल-जुलकर मनाते हैं चाहें वह हिंदुओं की दिवाली हो, मुस्लमानों की ईद हो, सिखों की लोहड़ी हो या फिर ईसाइयों का क्रिसमस हो। भारत में सभी त्योहार खुशी और जुनून के साथ मनाए जाते हैं। भारत में मनाए जानें वाले त्योहारों को हम तीन प्रकार से बांट सकते हैं जैसे राष्ट्रीय त्योहार, धार्मिक त्योहार और मौसमी त्योहार। सभी त्योहारों का अपना एक विशेष महत्त्व है
Bhawna 6 years 5 months ago
जरुरत मंद की करें मदद
किसी भी दिन अगर हम किसी जरुरत मंद इंसान की मदद करते हैं। तो अंदर से एक अलग खुशी महसूस होती है। और सबसे अच्छी बात तो यह है कि इस खुशी का हमें इंताजार नहीं करना होगा। बल्कि इस खशी को हम जब चाहे पा सकते हैं। और इस खुशी को पाने का मौका दिवाली का त्योहार से अच्छा तो और कोई हो ही नहीं सकता है। और इससे देखकर लगता है कि पटाखे बिना दिवाली मनाई जा सकती है। इस दिन आप किसी गरीब को मिठाईयां, कपड़े देकर मदद कर सकते हैं। अगर आप यह सब नहीं दे सकते हैं
Mohit Verma 6 years 5 months ago
हमारे देश में प्रत्येक वर्ष दिवाली के त्योहार के दौरान लाखों के तादाद में पटाखे फोड़े जाते हैं। इस त्योहार पर पटाखे फोड़ना लगभग एक रिवाज सा बन गया है। इस दौरान बाजार विभिन्न प्रकार के पटाखों से भरे पड़े होते हैं और लोग इनकी खरीददारी कुछ दिन पहले से ही शुरु कर देते हैं।
इस दौरान बच्चों में पटाखों को जलाने को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह देखा जाता है। हालांकि कई बार बच्चों के साथ बड़े भी पटाखे जलाने के इन गतिविधियों में हिस्सा ले लेते हैं और इस बात पर जरा भी विचार नही करते कि हमारे इन कार्यों द्वारा
Abhigna Shetty 6 years 5 months ago
The festival of lights brings happiness into all our lives.It holds a significant place in the hearts of all Indians.We are all celebrate in the most dignified way; we tend to pollute our mother Earth. The noxious gases emitted by the crackers not only have hazardous effects on the lives of humans, but also on animals such as asthma,chronic diseases.If the pollution on Earth continues,then leading a healthy life on Earth in next hundred years will be impossible. Hence I request all to avoid it.
Prakash kumar Sen 6 years 5 months ago
hum sab milkar keva light aur diya jalayen,nach gaane ho aur mithayi baaten gareebon ki madad karke green diwali mana sakte hai