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प्रदूषण मुक्त दिवाली उत्सव प्रतियोगिता

Start Date: 03-10-2019
End Date: 15-11-2019

दीपावली एक दिवसीय पर्व नही, अपितु यह अनेकों त्योहारों का समूह है; ...

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दीपावली एक दिवसीय पर्व नही, अपितु यह अनेकों त्योहारों का समूह है; इसीलिए इसे उत्सवों का मौसम भी कहा जाता है।

आइए इस बार हम सब पर्यावरण को बिना प्रदूषित किये दीपावली के उत्सव को मनाएं। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (EPCO) इस वर्ष ‘प्रदूषण मुक्त दीपावली उत्सव’ मनाने के लिए प्रदेश के सभी ईको क्लब विद्यालयों/महाविद्यालयों के छात्रों व उनके अध्यापकों/प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है जो निश्चित ही प्रदूषण मुक्त पर्यावरण बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल होगी।

आप इस वर्ष पर्यावरण को बिना हानि पहुंचाए, प्रदूषण रहित दीपावली कैसे मनाएंगे जो ‘हरित दीपावली’ शब्द को सार्थक करके समाज के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके। अभियान का उद्देश्य जन सामान्य को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए प्रेरित कर पर्यावरण को संरक्षित करना है। प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के व्यवहारिक IDEA के साथ ही प्रभारी अध्यापकों/प्राध्यापकों/सहायक प्राध्यापकों एवं छात्र व उसके द्वारा प्रेरित किये गए संबंधी/मित्र आदि के संबंध में भी फोटो या वीडियो साझा करें।

चयनित 10 प्रविष्टियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में रूपये 2,000/- एवं द्वितीय को रूपये 1,000/- के प्रोत्साहन पुरस्कार के साथ प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

प्रविष्टियाँ प्राप्त करने की अंतिम तिथि 14 नवम्बर, 2019 है।

नियम एवं शर्तें:

• NGC के अंतर्गत संचालित प्रदेश के सभी ईको क्लब विद्यालय/महाविद्यालय का कोई भी विद्यार्थी/शिक्षक इस प्रतियोगिता में सहभागिता कर सकता है।
• प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियो को www.mp.mygov.in पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। प्रतिभागी https://mp.mygov.in/user/register/ पर जाकर स्वयं को रजिस्टर कर सकते हैं।
• एक प्रतिभागी द्वारा केवल एक प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी एक से अधिक प्रविष्टियाँ किसी भी प्रतिभागी के द्वारा स्वीकार्य नहीं की जाएंगी।
• सभी प्रविष्टियां केवल www.mp.mygov.in पर सबमिट की जानी चाहिए।
• Idea सुझाने के पीछे क्या तर्क है, इसका स्पष्टीकरण दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
• कृपया अपने Idea को PDF/Word फॉर्मेट के साथ-साथ फोटो या वीडियो भी अपलोड करें (फोटो अथवा वीडियो से अर्थ है कि आप किस तरह दीपावली को बिना प्रदूषण के मना रहे हैं, विडियो शेयर करने के लिए अपने वीडियो को facebook/youtube पर शेयर करें और उसके Link को PDF में अपने IDEA के साथ www.mp.mygov.in पर सबमिट करें)।
• प्रतिभागी को अपना नाम,पता, ई-मेल एड्रेस और फ़ोन नंबर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
• प्रविष्टियों का चयन EPCO के विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया जायेगा एवं पैनल का अंतिम निर्णय ही मान्य होगा।
• फोटो अथवा वीडियो में किसी भी प्रकार की सामग्री या कोई भी तत्व गैरकानूनी नहीं होना चाहिए।
• चयनित प्रविष्टि के सर्वाधिकार कार्यपालन संचालक एप्को (EPCO), मध्य प्रदेश की संपत्ति होगी एवं इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार सुरक्षित होगा।
• कृपया अपनी प्रविष्टि दिनांक 11 नवम्बर, 2019 अथवा उससे पूर्व भेजेंI
• प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि:
a) उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तों का अनुपालन किया है।
b) उनकी प्रविष्टियां मूल हैं।
c) उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन ना करती हो।

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d d tiwari 6 years 5 months ago

पर्यावरण को होता है पटाखो ,आतिशवाजी से नुकसान दिवाली मिटटी के दीप जलाकर मनाई |
अपने घर की स्वछता के साथ नदी तालाबों के घाटों में श्रमदान कर करी सफाई |
पुराने पोधो की करी निदाई एवं गुड़ाईगढ़ीमलहरा व छतरपुर मेंवृक्षारोपण कराया |
एकल उपयोग प्लास्टिक प्रयोग न करने की दिलाई शपथ प्रतियोगिताओ का आयोजन कराया |

Mohd Shahid Ansari 6 years 5 months ago

सतपुड़ा ईको क्लब खिरसाडोह वि ख परासिया जिला छिंदवाड़ा प्रभारी शाहिद अंसारी द्वारा प्रदूषण मुक्त दीपावली उत्सव का आयोजन स्कूल में आयोजित किया गया ।इस कार्यशाला में बच्चों द्वारा चित्रकला,क्राफ्ट एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मेरे द्वारि फुग्गो में हवा भर कर फटाखे फोड़ने का संदेश दिया गया।जोकि प्रदूषण मुक्त है। विचार किया गया कि फुग्गों में यदि आटोमेटिक गैस भर जाए तो इस गुब्बारे के फटाखे फूटने की आवाज सुनाई देगी तथा प्रदूषण नहीं होगा।https://youtu.be/OY-e4hQ7-ps

File: 

Manoj Ahirwar 6 years 5 months ago

दिवाली को स्वच्छता का त्योहार माना जाता है, लेकिन आतिशबाजी के कारण इस त्योहार का मतलब बदलता जा रहा है। पटाखों से निकलने वाले जहरीले गैस पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचा ही रहे हैं साथ ही इससे आग लगने व शरीर को भी क्षति पहुंचने का खतरा बना रहता है। इस दिवाली पटाखों को ना कह कर हम प्रदूषण मुक्त त्योहार मना सकते हैं।दिवाली रोशनी का त्योहार है। हमें बिना प्रदूषण फैलाए रोशनी के इस पर्व को मनाना चाहिए।पटाखे या अन्य किसी भी प्रकार की आतिशबाजी से पूरी तरह बचना चाहिए। पटाखों से ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है।

V K TYAGI 6 years 5 months ago

दीवाली एक ऐसा त्यौहार है जिसमें स्वच्छता का विशेष महत्व है इसमें लोग घरों की सफाई करते है घरों में रंगरोगन करते है घरों को सजाते है और घरों में रोशनी करते है साफ सफाई का ऐसा कोई दूसरा त्योहार नहीं है इस त्योहार में हम लोगो को मिठाई खिलाते है खुशी मनाते है दुश्मनों से भी दोस्ती करते है नई समान की खरीदारी करते है इस प्रकार का कोई अन्य त्योहार नहीं है इस त्योहार को मनाने के लिए हमें यह सोचना है कि की हम इस त्योहार पर प्रदूषण न फैलाकर ऐसे त्योहार मनाय की सभी इसे आनंद से मनाए

SHRINIVAS KRISHNAN 6 years 5 months ago

तमसो मा ज्‍योतिर्गमय’ अर्थात् अन्‍यों के जीवन को अंधेरों से उजाले की ओर ले जाना ही दीपावली का उद्देश्‍य हैं, इसलिए, मैं दीपावली त्‍यौहार पर पटाखों द्वारा धुएं, शोर के प्रदूषण से अन्‍यों के जीवन को रोगों व कष्‍टों के अंधकार में ढकेलने की निंदा करता हूँ ।मैं चाहता हूँ कि लोग इस दिन अपने परिवार, यार-दोस्‍तों के साथ,सैर-सपाटों में बिताकर,दीपावली के दिन अपनों व अन्‍यों के जीवन को खुशियों से रोशन करें ।मैंने भी उम्र के हिसाब से इस बार पत्‍नी के साथ दीपावली पर‘सोमनाथ’के दर्शन कर,अपने को धन्‍य क‍िया ।

Chandra Shekhar 6 years 5 months ago

दिवाली खुशियों का त्योहार है। इस दिन लोग अपने घर को बेहतरीन ढंग से सजा कर दिए जलाते हैं। ग्रीन दिवाली मनाएं, दीवाली पर दिए जलाएं और प्रकृति का जश्न मनाएं। दीवाली पर दिए जलाएं, प्रदूषण को दूर भगाएँ। हवा और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए सुरक्षित दिवाली मनाएं। फटाकें नहीं जलाना हैं, प्रकृति को बचाना हैं।बच्चों को इसके प्रति शिक्षित करना। सिर्फ धर्म नहीं बल्कि स्वच्छता व प्रकाश का भी प्रतीक है दिवाली का त्योहार।