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Inviting suggestions on Ladli Laxmi Yojna Madhya Pradesh 2.0

Start Date: 14-10-2021
End Date: 22-10-2021

‘लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0’ को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दें।

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‘लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0’ को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दें।

बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएगी 'लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0'

बेटियों के प्रति समाज की मानसिकता में बदलाव लाने के लिए मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से लाड़ली लक्ष्मी योजना योजना चलाई जा रही है। अब तक प्रदेश में 40 लाख से अधिक लड़कियों को योजना का लाभ मिल चुका है। योजना की लोकप्रियता को देखते हुए अन्य राज्यों ने भी इसे अपनाया है।

आज के वैश्विक परिदृश्य में बेटियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। अतः महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना को नए स्वरूप "लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 - आत्मनिर्भर लाड़ली" के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। "लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 में बालिकाओं का कौशल प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा तथा जीवन के अन्य क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। बालिकाओं की कॉलेज में पढ़ाई, स्व-रोजगार अथवा नौकरी पाने तक हरसंभव सहायता की जाएगी।

इसी क्रम में ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 - आत्मनिर्भर लाड़ली’ को बेहतर बनाने के लिए आपके सुझाव आमंत्रित हैं। आप अपने सुझाव नीचे comment box में अवश्य साझा करें।

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64 Record(s) Found

RampalSinghrajpoot 4 years 5 months ago

Sir मेरा निवेदन है कि इस योजना की समयावधि बड़ाई जानी चाहिए पंजीकरण प्रक्रिया को 1वर्ष से 3 वर्ष किया जाना चाहिए कृपया करे।

Ashish Nayak_5 4 years 5 months ago

महोदय, महिला एवं बाल विकास परियोजना अंतर्गत कई आगनवाड़ी केंद्र जुड़े हैं, सांझा चूल्हा अंतर्गत कई समूह जुड़े हैं, लाडली लक्ष्मी योजना है, pmmvy योजन है, एवं नियुक्ति संबंधी अन्य कार्य है ऐसे में परियोजना कार्यालय में 2 सरकारी लिपिक होने चाहिए। ऐसे में अपना अपना कार्य ज़िम्मेदारी से होगा। आउट सोर्सऑपरेटर की कोई ज़िम्मेदारी नहीं है। सुधार किया जमा चाहिए।

Ashish Nayak_5 4 years 5 months ago

महोदय, सुझाव है कि महिला एवं बाल विकास परियोजना में समान कर्मचारी होने चाहिए। कहीं कुछ वर्षों से मात्र एक लिपिक व एक चपरासी पदस्थ है तो कहीं दो वया तीन लिपिक व चपरासी पदस्थ हैं आउट सोर्स कर्मचारी भी विभाग द्वारा लगाए जाने चाहिए। इनकी संख्या भी निश्चित होनी चाहिए।अधिकार कर्मचारी अपने भाई बहन को न लगाए। सभी कार्यालयों मे इंटरनेट की सुभिधा होनी चाहिए। सरकारी भवन होना चाहिए।

prabhakar singour 4 years 5 months ago

बेटी का जन्म 2002 है,प्रायवेट मेडिकल कालेज में फीस अधिक होने से एडमिशन नहीं लै पाते हैं मेधावी छात्र योजना की आय सीमा 8 लाख कीजिए जिससे मेडिकल की पढाई पूरी हो

prabhakar singour 4 years 5 months ago

जो बेटियाँ लाडली लक्ष्मी नहीं हैं,और मेडिकल कालेज में एडमिशन मिला है तो उनकी फीस भी शासन को ही देना चाहिए । आखिर मामा तो सभी बेटियों का है,फिर भेदभाव क्यों

kasim mansuri 4 years 5 months ago

सर हमारी लड़की का जन्म20/6/2011 है
उसका नाम लाडली योजना में नहीं जुड़ा है
हमारी बेटी पूरी तरह से योजना के पात्र थी
क्योंकि हमारे दो ही बच्चे हैं फिर भी हमको
योजना का लाभ नहीं मिला अगर किसी प्रकार से संशोधन हो जाए
बहुत सी लड़कियों को योजना का लाभ मिल सकता है

Dipanshu amrate 4 years 5 months ago

बेहतर समाज के लिए शिक्षा बहुत ही जरूरी है और बालिकाओं को स्वावलंबी बनाना माता-पिता का कर्तव्य है। जरूरी है कि शिक्षा हासिल करके स्वावलंबी बनें। अब महिलाएं किसी से कमजोर नहीं हैं। बस उन्हें आगे बढ़ने और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने के लिए हिम्मत चाहिए।लाडली लक्ष्मी योजना के राशि का कुछ हिस्सा इनके
जन्म पर माता -पिता को राशि मिलना चाहिए ताकि वे जन्म से ही बोझ महसूस न हो एवं स्कूल कालेज में एडमिशन के समय फिर इनको कुछ राशि इनके माता पिता को को मिले ताकि शुरू से मानसिक तनाओ न हो

Muneem Sahu 4 years 5 months ago

लाडली लक्ष्मी योजना के राशि का कुछ हिस्सा इनके
जन्म पर माता -पिता को राशि मिलना चाहिए ताकि वे जन्म से ही बोझ महसूस न हो एवं स्कूल कालेज में एडमिशन के समय फिर इनको कुछ राशि इनके माता पिता को को मिले ताकि शुरू से मानसिकता के दबाल बेटिया उभर सके।
यदि लड्की जन्म लेगी तो" एक लाख का चेक "तुरंत मिलेगा निर्धारित होना चाहिए, जैसे बच्ची जन्म लेती है उस समय भुगतान हो जाए, यह सभी के लिए योजना का लाभ दिया जाना चाहिए तथा उनके लक्षय के अनुसार सहयोग प्राप्त होना चाहिए।
जिससे हम लिंगानुपात में आगे बढेगे।

Dinesh kumar sharma 4 years 5 months ago

यूपीएससी के कई टॉपर्स ने भी साक्षात्कार में इस बात को स्वीकारा है कि सफलता उसकी को मिलती है जो अपना रास्ता खुद तय करता है। वैसे तो सफलता का कोई भी शॉर्टकट नहीं है लेकिन अगर आप एक रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं तो आपके लिए कामयाबी मिलना कुछ आसान हो जाता है।