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5 Years of MPMyGov - Share Your Thoughts

Start Date: 20-08-2022
End Date: 22-09-2022

MPMyGov पोर्टल के 5 साल, आप भी साझा करें अपने विचार

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MPMyGov पोर्टल के 5 साल, आप भी साझा करें अपने विचार

MPMyGov को सरकार के नागरिक सहभागिता मंच के रूप में स्थापित किया गया है, जो नीति निर्माण हेतु नागरिकों के साथ जुड़ने के लिए कई सरकारी निकायों, मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करता है और जनहित और कल्याण के मुद्दों पर नागरिकों की राय व विचार लेता है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 जुलाई 2014 को MyGov की शुरुआत के बाद मध्यप्रदेश में 22 अगस्त 2017 को एमपी माईगव शुरु किया गया है। लगभग सभी सरकारी विभाग अपने नागरिक सहभागिता कार्यक्रमों, नीति निर्माण के लिए परामर्श और विभिन्न सरकारी योजनाओं ,कार्यक्रमों की जानकारी प्रसारित करने के लिए MPMyGov प्लेटफॉर्म का लाभ उठाते हैं। MPMyGov ने चर्चा, कार्य, जनमत, सर्वेक्षण, ब्लॉग, वार्ता, क्विज़ जैसे सहभागिता के कई तरीकों को अपनाया है।

मध्यप्रदेश में ऊर्जा साक्षरता अभियान और लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का logo और स्कूली बच्चों के लिए यूनिफार्म डिजाइन आदि कुछ उल्लेखनीय पहल हैं, जिसे MPMyGov ने अभियान के माध्यम से क्रियान्वित किया है। बजट और विभिन्न शासकीय योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों से सुझाव लेने में भी MPMyGov सराहनीय भूमिका निभा रहा है।

सहभागी शासन और तकनीकी क्रियान्वयन का यह महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म 22 अगस्त 2022 को अपनी स्थापना के 5 साल पूरे कर रहा है। इस मौके पर आप भी इस पोर्टल के बारे में अपने अनुभव साझा कीजिए ताकि यह शासन और जनता के बीच भागीदारी की अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभा सके।

आप अपने सुझाव / अनुभव नीचे comment box में साझा करें।

अंतिम तिथि - 22 सितम्बर 2022

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442 Record(s) Found

Ravendrakushwaha 3 years 5 months ago

माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।

sanjayKushwaha 3 years 5 months ago

माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।

Saurabh soni 3 years 5 months ago

माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।

ABHISHEK KUMAR SHUKLA 3 years 5 months ago

.पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत स्टाफ की नियुक्ति में 50 % का चयन पर्यटन के छात्रों से करें
२. मध्यप्रदेश पर्यटन के सभी होटलो में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं
३. मध्यप्रदेश में स्थित सभी राष्ट्रीय उद्यान में टिकट क्लर्क में पर्यटन के छात्रों को मौका दें
४. मध्यप्रदेश में स्थित सभी राष्ट्रीय स्मारक में पर्यटन के छात्रों को रोजगार के अवसर दें
६. मध्यप्रदेश के सभी जिलों में स्थित गवर्नमेंट गेस्ट हाउस , रेस्ट हाउस , सर्किट हाउस के

ANURAG 3 years 5 months ago

माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।

Dayal Bansal 3 years 5 months ago

माननीय मुख्यमंत्री जी MP MY GOV पोर्टल के 5 साल पूरे होने पर बहुत बहुत बधाई मैं एक आउट सोर्स सुरक्षा कर्मी हूँ मैं अभी जिला अस्पताल शहडोल में काम कर रहा हूं मैं आपका ध्यान हम सुरक्षा कर्मियों की तरफ दिलवाना चाहता हूं हम लोग बहुत ही शोषित लोग है कुछ योजना हम लोगों के लिए भी बनाए ताकि हम लोग भी समाज़ में इज़्ज़त के साथ रह सके

ManojChaturvedi 3 years 5 months ago

प्रदेश सरकार शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय जमीनों,नदी,तालाबों,सड़कों,बाजारों व अन्‍य स्‍थानों से अवैध कब्‍जे हटायें जायें।आये दिन शासकीय अधिकारी व कर्मचारियों पर कब्‍जाधारियों द्वारा हमले की खबर आती रहती है जिससे ईमानदार व कर्तव्‍यनिष्‍ठ अधिकारियों व कर्मचारियों का मनोबल घटता है प्रदेश के जनप्रतिनिधियों में सत्‍तापक्ष व विपक्ष में यह भाव हो कि जनहितैषी कार्य में सभी का साथ मिले और जनता द्वारा किये गये गलत कामों को संरक्षण देना बंद किया जाय जिससे समाज व प्रदेश का गौरव बढे।

jeetendra agrawal 3 years 5 months ago

श्रीमान जी आपके द्वारा EWS आरक्षण को गजट में प्रकाशित किया गया था लेकिन अब तकDPI द्वारा उस पर कोई कार्यवाही नही की गई। आदिम जाति विभाग द्वारा भी द्वितीय चरण की रूप रेखा निर्धारित कर दी गयी है लेकिन उसमें भी EWS आरक्षण के लिए अभी कोई ऑप्शन नही दिया गया है