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Start Date: 20-08-2022
End Date: 22-09-2022
MPMyGov पोर्टल के 5 साल, आप भी साझा करें अपने विचार
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GIRISH BHARAT JABADE 3 years 11 months ago
2016-17 तक, मध्य प्रदेश भारत में खाद्यान्न का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसका अनुमान बड़े पैमाने पर 273.38 मिलियन टन है, जो 2014-2015 में उत्पादित 265.04 मिलियन टन से 8.7% अधिक है।
GIRISH BHARAT JABADE 3 years 11 months ago
मध्य प्रदेश की कृषि जीडीपी की सफलता का श्रेय किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने पर राज्य के जोर को दिया जा सकता है। 2017 में सीएम चौहान ने प्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद की. राज्य ने रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की। किसानों के लिए पांच हॉर्स पावर के पानी के पंपों पर 26000 रुपये।
GIRISH BHARAT JABADE 3 years 11 months ago
एन पिछले दस वर्षों; सिंचाई अनुपात में 35% की वृद्धि, प्रति हेक्टेयर उर्वरक उपयोग में 55% की वृद्धि, गेहूं, सोयाबीन, चना और धान के लिए बीज प्रतिस्थापन दर में वृद्धि हुई। इन कारकों ने मध्य प्रदेश को उपर्युक्त फसलों के लिए 4.4 मिलियन क्विंटल के साथ देश में प्रमाणित बीजों का सबसे बड़ा उत्पादक बना दिया।
GIRISH BHARAT JABADE 3 years 11 months ago
मध्य प्रदेश मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसकी 70% आबादी कृषि में कार्यरत है। 2006 से 2015 के बीच एमपी की कृषि विकास दर में 9.7% की वृद्धि हुई। सीएम के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में यह प्रतिशत बढ़कर 14.2% हो गया।
RahulRaghuwanshi 3 years 11 months ago
माननीय मुख्यमंत्री महोदय
व्यवसायिक शिक्षा योजना अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में अनेक विसंगतियां है
1) कार्यरत व्यवसायिक प्रशिक्षकों के वेतन मैं पिछले कई वर्षों से वृद्धि नहीं हुई है यह हमारे साथ अन्याय है।
2) कार्यरत व्यवसायिक प्राशिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है तो वे छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित कर पाएंगे।
3)11th & 12th मैं विद्यार्थियों को हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा के स्थान पर व्यवसायिक पाठ्यक्रम चुना जाता है यह छठवां अतिरिक्त विषय के रूप में जोड़ा जाना चाहिए।
rakesh yaduwanshi 3 years 11 months ago
माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।
VEDKUMARSINGOTIYA 3 years 11 months ago
माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।
abhishek yadav 3 years 11 months ago
mygov portal के माध्यम से जनता को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने में जो मदद मिली है उससे यही लगता है कि इससे बडिया कोई कार्य हो ही नहीं सकता माननीय मुख्यमंत्री जी आपसे निवेदन है कि इस जिस तरह आपने म.प्र. को आगे ले जाने में मदद की है उसी तरह अपनी कार्यशैली से देश के लिए भी कुछ योगदान दे
Suvidhadwivedi 3 years 11 months ago
माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।
Shivnarayan mukati 3 years 11 months ago
माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स कर्मी के रूप में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करें। हमे शिक्षा विभाग में विलय करें एवं वेतन वृद्धि पर विचार कीजिए। पिछले सात सालों में एक रुपए भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है।