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‘’हमारे दैनिक जीवन में योग का योगदान’’ विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता

Start Date: 19-06-2018
End Date: 24-07-2018

आप हर समय इतने फिट और एक नई ऊर्जा से भरे हुए कैसे दिखाई देते हैं...! क्या ...

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आप हर समय इतने फिट और एक नई ऊर्जा से भरे हुए कैसे दिखाई देते हैं...! क्या योग आपका भी फिटनेस मंत्र और स्वस्थ जीवन का आधार है...!!

तो फिर यह समय है कि आप केवल योग को आसन तक ही सीमित न रखें; बल्कि यह भी जरूर बताएं कि योग आपको स्वस्थ जीवन जीने और हमेशा सक्रिय रहने में कैसे मदद करता है?

योग व्यायाम का एक ऐसा रूप है जिसको भारत के प्राचीन ऋषियों ने हमें विरासत में सौंपा है और आज यह विश्व भर में व्यापक रूप से प्रचलित हो चुका है। आगामी 21 जून को चौथे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018 के अवसर पर आयुष विभाग, मध्य प्रदेश शासन "हमारे दैनिक जीवन में योग का योगदान" विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है।
याद रखें; निबंध योग के दैनिक लाभों को रेखांकित करता हो एवं साथ ही इसमें यह सुझाव भी होना चाहिए कि हम अपने दैनिक जीवन में योग को कैसे सम्मिलित कर सकते हैं। तो फिर देर किस बात की...चलिए निबंध के प्रसंग को ध्यान में रखते हुए अपने विचारों को एक आकर्षक, सूचनात्मक, रोचक और रचनात्मक तरीके से लिखकर इस फिटनेस-मंत्र का जश्न मनाएं।

राज्य स्तर प्रोत्साहन राशि:
विजेता के लिए: रुपये 5100/-
दूसरा पुरस्कार रनर-अप के लिए: रुपये 3100/-
तृतीय पुरस्कार: रुपये 2100/-

जिला स्तर प्रोत्साहन राशि:
विजेता के लिए: रुपये 1500/-
दूसरा पुरस्कार रनर-अप के लिए: रुपये 1000/-
तृतीय पुरस्कार: रुपये 500/-

प्रतियोगिता की शर्तें-
• प्रदेश का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में सहभागिता कर सकता है।
• प्रतियोगिता सभी आयु वर्ग के लिए है।
• प्रति नागरिक केवल एक ही प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी।
• कृपया अपनी प्रविष्टि MSWORD/PDF या JPEG फॉर्मेट में अपलोड करें।
• प्रतिभागी के लिये शब्द सीमा 500 से 800
• निबंध में व्यक्त किए गए 'विचारों की गुणवत्ता' के आधार पर निबंध को परखा जाएगा।
• निबंध हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्वीकार्य होंगे।
• यदि निबंध सामग्री कहीं से नक़ल की गई है तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
• प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि उनके नाम, पता, ई-मेल, डाक पता, फोन नंबर जैसे विवरण शामिल हैं, अपूर्ण प्रोफाइल के साथ प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
• आयुष विभाग प्रविष्टियों की गुणवत्ता के आधार पर राज्य व जिला स्तर पर 3 सर्वश्रेष्ठ निबंध को सूचीबद्ध करेगा।
• पुरस्कार राशि RTGS/NEFT के माध्यम से स्थानांतरित की जाएगी।
• श्रेष्ठ प्रविष्टि का चयन आयुष विभाग के निर्णायक मंडल द्वारा किया जायेगा और उनका निर्णय ही अंतिम होगा।
• चयनित प्रविष्टि के सर्वाधिकार आयुष विभाग की संपत्ति होगी एवं इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार सुरक्षित होगा।
• आयुष विभाग के कर्मचारी/अधिकारी एवं उनके परिवार के सदस्य और रिश्तेदार प्रतियोगिता में भाग लेने के योग्य नहीं होंगे।
• किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय आयुक्त/संचालक, आयुष विभाग का मान्य होगा।
• प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें किः-
1. उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तो का अनुपालन किया है।
2. उनकीं प्रविष्टियां मूल है।
3. उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन नहीं करती हैं।

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Aman kumar 6 years 8 months ago

Daily yoga practice seems daunting at first, but over time,it can become as habitual as brushing your teeth. Never missing a day on the mat gives you the flexibility and strength benefits you seek. You'll also receive much in terms of mental and emotional clarity. Daily yoga practice seems daunting at first, but over time, it can become as habitual as brushing your teeth.Never missing a day on the mat gives you the flexibility and strength benefits you seek. You'll also receive as much in terms.

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sumit sinha 6 years 8 months ago

Yoga must be performed in calm surrounding for best results. Yoga is an art which connects our soul / mind and body together . It makes us strong / flexible and peaceful and healthy. In countries like India people have so much stress and are fatigue.yoga is very necessary . It makes us fit and healthy.a healthy mind can do everything.these days people don't have time for due to their tasks/daily work and stressful life maintaining a good health is much important than growing financially.thankyou

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Jugal prajapati 6 years 8 months ago

योग का योगदान-
योगासन शरीर और मन को स्वस्थ रखने की प्राचीन भारतीय प्रणाली है। शरीर को किसी ऐसे आसन या स्थिति में रखना जिससे स्थिरता और सुख का अनुभव हो योगासन कहलाता योगासन शरीर की आन्तरिक प्रणाली को गतिशील करता है। इससे रक्त-नलिकाएँ साफ होती हैं तथा प्रत्येक अंग में शुद्ध वायु का संचार होता है जिससे उनमें स्फूर्ति आती है। परिणामतः व्यक्ति में उत्साह और कार्य-क्षमता का विकास होता है तथा एकाग्रता आती है।

योग का अर्थः . अर्थ के अनुसार विवेचन किया जाए तो शरीर एवं आत्मा का मिलन ही योग कहलाता है।

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Prakash verma 6 years 8 months ago

Denik jivan me yog ka yogdaan
Yog rishiyo ke samay se chalta aa raha ek yah naam he Jo logo ki din charya me shamil ho chuka he AGR manushya yog na kre to use bahut hi bimariyo se gujarna pad skta he.
Yog aadunik jivan me fela hua ye ek esa formula he Jo bimariyo me or Sharir ko swasth krne me kaam aata he.

Humare denik jivan me yog ek ashirwaad he Jo manushya or janvaro me fela hua he.
Such me yog ka denik jivan me bahut bada yogdaan he.

File: 
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rustam 6 years 8 months ago

बिना किसी समस्या के जीवन भर तंदरुस्त रहने का सबसे अच्छा, सुरक्षित, आसान और स्वस्थ तरीका योग है। इसके लिए केवल शरीर के क्रियाकलापों और श्वास लेने के सही तरीकों का नियमित अभ्यास करने की आवश्यकता है। यह शरीर के तीन मुख्य तत्वों; शरीर, मस्तिष्क और आत्मा के बीच संपर्क को नियमित करना है। यह शरीर के सभी अंगों के कार्यकलाप को नियमित करता है और कुछ बुरी परिस्थितियों और अस्वास्थ्यकर जीवन-शैली के कारण शरीर और मस्तिष्क को परेशानियों से बचाव करता है। यह स्वास्थ्य, ज्ञान और आन्तरिक शान्ति को बनाए रखने में मदद

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Akhlesh Kumar ahirwar 6 years 8 months ago

योग का जीवन में महत्व और लाभ
आपके मन में एक प्रश्न बार-बार आता होगा की हम योग क्यों करें? जबकि हमें तो मानसिक और शारीरिक रूप से भी कोई समस्या भी नहीं हैं। जब हमारे पास समय ही नहीं हैं और हम स्वस्थ भी है तो फिर हमें योग की क्या आवश्यकता है। आज हम अपने इस लेख से आपके क्यों को दूर करने की पूरी कोशिश करेंगे और आपको जीवन में योग का महत्व समझाएंगे। योग हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे मन को भी स्वस्थ रखता है। योग से आनंद की अनुभूति होती है जैसे एक तरफ सुख और दूसरी तरफ दुःख होता है जबकि आनंद

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Jwala Prasad uikey 6 years 8 months ago

योग एक प्राचीन कला है जिसकी उत्पत्ति भारत में लगभग 6000 साल पहले हुई थी। पहले समय में, लोग अपने दैनिक जीवन में योग और ध्यान, पूरे जीवनभर स्वस्थ और ताकतवर बने रहने के लिए किया करते थे। फिर भी, इस भीड़ वाले व्यस्त वातावरण में योग करना दिन प्रति दिन कम होता जा रहा है। योग बहुत ही सुरक्षित क्रिया है और किसी के भी द्वारा किसी भी समय की जा सकती है, यहाँ तक कि इससे बच्चे भी लाभ ले सकते हैं।

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ajay tiwari 6 years 8 months ago

हर मानव की इच्छा स्वयं से और पर्यावरण से समरस होकर जीवित रहने की है। तथापि आधुनिक युग में अधिक शारीरिक और भावात्मक इच्छायें लगातार जीवन के अनेक क्षेत्रों पर भारी हो रही हैं। परिणामत: अधिकाधिक व्यक्ति खिंचाव, चिंता, अनिद्रा जैसे शारीरिक और मानसिक तनावों से पीडि़त रहते हैं और शारीरिक सक्रियता और उचित व्यायाम में एक असंतुलन बन गया है। यही कारण है कि स्वस्थ बने रहने और उसमें सुधार के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक समरसता बनाए रखने के लिए नई नई विधियों और तकनीकों का महत्व बढ़ गया है और इसी भाव

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sumit dixit 6 years 8 months ago

hamare sarir ka jo part kisi bimari ya kisi aur wajah se jyada kharab ho to hame usi part se related yog karne chahiye jisse us yog se hmare us body ke part pr gahra asar pdta h aur hmara sarir bilkul swasth rhta hain..... dhanyabad mera naam sumit dixit....