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Suggestions invited for study on the present status of other backward classes in Madhya Pradesh

Start Date: 07-01-2022
End Date: 21-02-2022

मध्यप्रदेश में पिछड़े वर्गों की वर्तमान स्थिति पर अध्ययन के ...

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मध्यप्रदेश में पिछड़े वर्गों की वर्तमान स्थिति पर अध्ययन के लिए सुझाव आमंत्रित


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मध्यप्रदेश में 2 सितंबर 2021 को गठित मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक तथा राजनीतिक स्थिति का अध्ययन कर रहा है। इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश में पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए सुझाव और अनुशंसाएं प्रदान करना है। इस अध्ययन के लिए नागरिकों से भी सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।

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272 Record(s) Found

PRAGYAN CHOUDHARY D 4 years 3 months ago

आज मध्यप्रदेश में scst को 23%आरक्षण है लेकिन सरकारी नौकरी में उनका प्रतिनिधित्व कुल 16% है ,क्यों?
ओबीसी का आरक्षण 14% है लेकिन वो भी सिर्फ 4% पदों पर हैं।
पहले इनके पदों को बैकलॉग से भरो

PRAGYAN CHOUDHARY D 4 years 3 months ago

जातिगत जनगणना से कम कुछ नही चलेगा।
कम से कम मतदाता सूची के आधार पर जनगणना करवा लीजिए।

kirtiSharma 4 years 3 months ago

आरक्षण की प्रक्रिया में वर्ग के भीतर रखी गई प्रत्येक जाति को न्याय नहीं मिल पाता इसलिए आरक्षण जाति वर्ग के स्थान पर जातिगत जनसंख्या के प्रतिशत के आधार पर सभी जाति को अलग दिया जाना चाहिए मध्यप्रदेश में वैगा भरिया आदि जातियों पर लागू है सामान्य वर्ग की अवधारणा भ्रामक है इसे समाप्त किया जाना चाहिए जिस जाति की जितनी जनसंख्या उसे उतना आरक्षण के सिद्धांत पर आरक्षण को जातिवार लागू किया जाना चाहिए तभी देश में समानता आएगी और प्रत्येक जाति का विकास समान रूप से हो सकेगा

ASHEESH MISHRA 4 years 3 months ago

आरक्षण की प्रक्रिया में वर्ग के भीतर रखी गई प्रत्येक जाति को न्याय नहीं मिल पाता इसलिए आरक्षण जाति वर्ग के स्थान पर जातिगत जनसंख्या के प्रतिशत के आधार पर सभी जाति को अलग दिया जाना चाहिए मध्यप्रदेश में वैगा भरिया आदि जातियों पर लागू है सामान्य वर्ग की अवधारणा भ्रामक है इसे समाप्त किया जाना चाहिए जिस जाति की जितनी जनसंख्या उसे उतना आरक्षण के सिद्धांत पर आरक्षण को जातिवार लागू किया जाना चाहिए तभी देश में समानता आएगी और प्रत्येक जाति का विकास समान रूप से हो सकेगा

JAI BHUSHAN VERMA 4 years 3 months ago

आबादी के अनुपात में पिछड़ेपन के अनुसार विकास के लिए एक रोडमैप सरकार द्वारा तय हो
सवर्ण का हस्तक्षेप न हो
मंत्रिमंडल में ओबीसी की 55% हिस्सेदारी तय हो
Cm पिछड़े वर्ग का ही हो
पिछड़े क्षेत्रो में अधिकारी भी पिछड़े वर्ग का ही हो

सवर्ण जाति द्वारा पिछड़ी जातियों पर होने वाली दादागिरी बन्द हो

व्यापार,राजनीति व किसी भी संगठन में ओबीसी को आबादी के अनुसार
प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे सरकार
हर क्षेत्र में सवर्णो की दबंगई से भयभीत होने के कारण पिछड़े वर्ग के लोग कुछ नहिबकर पाते
ऐसी दबंगई बन्द हो

JAI BHUSHAN VERMA 4 years 3 months ago

ओबीसी को 27% आरक्षण सभी क्षेत्रों जैसे निजी व सरकारी सभी मे मिलना चाहिए
ओबीसी को आबादी के अनुसार राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए
ओबीसी की जातिवार जनगणना होनी चाहिए
सामान्य को ओबीसी केसाथ नही लेना चाहिए बहुत सी जगह यह देखा गया है कि ओबीसी को सामान्य के साथ लेकर वंचित किया जाता है
सवर्ण अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ पिछड़े कर्मचारियों पर अत्याचार बन्द हो
ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
ओबीसी के मंत्री विधायक पर जवाबदेही सुनिश्चित हो
न्यायालय में न्यायाधीश भी पिछड़े वर्ग के होने चाहिए।

JAI BHUSHAN VERMA 4 years 3 months ago

मध्यप्रदेश में शासन व राजनीतिक स्तर पर सिर्फ सवर्णो का दबदबा बना हुआ है
सवर्ण नही चाहते कि ओबीसी को आरक्षण मिले ओबीसी की आबादी आधी से अधिक होने के बावजूद ओबीसी उपेक्षित है आज ओबीसी की स्थिति ST व sc से भी निम्नतर होते जा रही है ऐसी स्थिति में केवल ओबीसी के किये अलग से विशेष भर्ती अभियान चलाया जाना चाहिए जिससे ओबीसी एक समानता के स्तर को हासिल कर समाज मे एक सम्मान कौरवक जीवन यापन कर सके
सरकार निजीक्षेत्र में भी आरक्षण लागू करे जिससे प्राइवेट नौकरियों में रेफरेंस से होने वाली भर्ती में रोक लगे

Shyamsunder 4 years 3 months ago

म0प्र0मे पिछड़े वगो का आरक्षण जो जाति पिछड़े वगो मे रहते हुये भी अभी तक सामाजिक, आथिक, सैक्षणिक लाभ नही दिया जाता है। सदियों से शोणित रजक समाज आज की सितिथ मे वंचित समाज अन्य पिछड़े लगो मे रखा गया है।
माननीय मुख्य मंत्री जी से अनुरोध है इस आरक्षण मे हमारे रजक
समाज का भी ख्याल रखने की कृपा करे।
धनयवाद

ASHEESH MISHRA 4 years 3 months ago

यदि आरक्षण जाति के आधार दिया जाकर ही देश का विकास संभव है तो देश की प्रत्येक जाति की प्रथक प्रथक जनसंख्या के आधार पर प्रत्येक जाति के लिए कोटा फिक्स कर दिया जाए वह केवल अपने ही कोटे में वरीयता का पात्र होगा जैसे विश्वकर्मा,सोनी,वर्मा,रौतेल, मिश्रा, बघेल, परिहार,पटेल,कुर्मी,वर्मा,प्रजापति, इत्यादि

Ama Naik 4 years 3 months ago

यहां जाति को उनकी आर्थिक स्थिति देखकर ही आरक्षण मिलना चाहिए...चाहे वे किसी भी जाति के हों।
सभी को समान शिक्षा और समान रोजगार की जरूरत:https://flizzyy.com/