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Save rain water and share water saving tips

Start Date: 31-05-2022
End Date: 15-07-2022

वर्षा जल सहेजने और पानी की बचत के उपाय साझा करें

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वर्षा जल सहेजने और पानी की बचत के उपाय साझा करें


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मानवता के लिए प्रकृति का सबसे कीमती उपहार पानी है। पानी को ‘जीवन’ भी कहा जा सकता है क्योंकि पानी के बिना धरती पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हमें अपने दैनिक कार्यों में हर समय पानी की आवश्यकता होती है।

उपलब्ध जलस्त्रोतों की उपयोगिता बनी रहे और भविष्य में हमें पानी की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए जरूरी है कि हम सब पानी का सही तरीके से उपयोग करें, इसे बर्बाद होने से बचाएँ। साथ ही जल संरक्षण के उपायों के प्रति जागरूकता फैलाएं।

वर्षा जल को ज्यादा से ज्यादा सहेजकर और पानी की बचत करने के विभिन्न उपाय करके हम भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने और पानी की उपलब्धता को निरंतर बनाए रखने में अपना योगदान दे सकते हैं।

अगर आपने इसके लिए कोई नवाचार किया है या इसके लिए कोई प्रोजेक्ट बनाया है या अन्य कोई अनूठा उपाय किया हो, जिसकी मदद से हम जल संरक्षण कर सकते हैं या पानी को सहेज सकते हैं तो इसे mp.mygov.in के साथ साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग इसके बारे में जागरूक हो सकें।

आप अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें।

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Dinesh kumar sharma 3 years 10 months ago

आप खुद भी रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए गड्ढे तैयार कर सकते हैं, हालांकि फिल्टर और बेसिक चीजें खरीदनी होंगी। फिल्टर की जगह जूट मैट भी आजमा सकते हैं जो मल्टीपल लेयर्स में हो। ये बाजार में ऑर्डर देकर तैयार करवाई जा सकती है। खुद से सिस्टम तैयार करने की लागत लगभग 30000 रुपए बैठ सकती है, जो छत के आकार पर निर्भर करती है।

Dinesh kumar sharma 3 years 10 months ago

रेनवॉटर हार्वेस्टिंग तकनीक पूरी दुनिया में अपनाई जा रही है। ये प्रणाली उन सारी जगहों पर इस्तेमाल हो सकती है, जहां हर साल न्यूनतम 200 मिलीमीटर बारिश होती है। ग्राउंड वॉटर के लगातार इस्तेमाल से इसका स्तर घटता चला जा रहा है। इससे पेयजल की किल्लत हो रही है। उसे बचाकर इस्तेमाल करें तो शहरों में पानी की समस्या से काफी हद दूर होगी।

Rakesh kumar 3 years 10 months ago

सबसे पहले लोगो को पानी का इस्तेमाल केसे करना है ये बताना पड़ेगा उसके बाद जल को हम केसे बचा सकते है इसके बारे मे जानकारी देनी है वर्षा के जल को केसे इखट्टा करना ये बताना पड़ेगा ये हर व्यक्ति की जिमेदारी होनी चाहिये तकि जल को बचाया जा सके इसके लिय गाँव और शहरों में अलग-अलग तरीके से वर्षा का जल किस तरह से बचाया जा सके ये भी नुकाड नाटको के माध्यम से लोगो को बताया जाए

SANJAY KUMAR BUNKAR 3 years 10 months ago

शहरी क्षेत्रों में इमारतों की छत, पक्के व कच्चे क्ष्रेत्रों से प्राप्त वर्षा जल व्यर्थ चला जाता है। यह जल जलभृतों में पुनर्भरित किया जा सकता है व ज़रूरत के समय लाभकारी ढंग से प्रयोग में लाया जा सकता है। वर्षा जल संचयन की प्रणाली को इस तरीके से अभिकल्पित किया जाना चाहिए कि यह संचयन/इकट्‌ठा करने व पुनर्भरण प्रणाली के लिए ज्यादा जगह न घेरे। शहरी क्षेत्रों में छत से प्राप्त वर्षा जल का भण्डारण करने की कुछ तकनीके इस प्रकार से हैं[3]: पुनर्भरण पिट (गड्ढा), पुनर्भरण खाई, नलकूप और पुनर्भरण कूप, आदि।

SANJAY KUMAR BUNKAR 3 years 10 months ago

शहरी क्षेत्रों में वर्षा के जल को संचित करने के लिए बहुत सी संचनाओं का प्रयोग किया जा सकता है।[3] ग्रामीण क्षेत्र में वर्षा जल का संचयन वाटर शेड को एक इकाई के रूप लेकर करते हैं। आमतौर पर सतही फैलाव तकनीक अपनाई जाती है क्योंकि ऐसी प्रणाली के लिए जगह प्रचुरता में उपलब्ध होती है तथा पुनर्भरित जल की मात्रा भी अधिक होती है। ढलान, नदियों व नालों के माध्यम से व्यर्थ जा रहे जल को बचाने के लिए इन तकनीकों को अपनाया जा सकता है।

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