रचनात्मक कोना
- Competitions on COVID-19 Appropriate Behaviour
- Creative Corner
- Creative Quarantine
- Department of Culture
- Department of Farmers welfare and Agriculture Development
- Department of Mines and Minerals
- Department of School Education - Madhya Pradesh
- Dil Se CM Radio Program
- Lok Seva Department
- Madhya Pradesh Tourism Department
- Smart City Bhopal
- आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण
- कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग
- तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग
- देखो अपना देश
- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
- नया मध्यप्रदेश
- मध्य प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड
- मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
- मध्यप्रदेश वन विभाग की वन्यजीव शाखा
- मध्यप्रदेश सरकार का सफल 1 वर्ष
- माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश
- लोक स्वास्थ्य विभाग, मध्य प्रदेश
- संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण विभाग
- सामाजिक न्याय एवं निशक्त जन कल्याण विभाग
- स्तनपान शिशु के जीवन का आधार
Save rain water and share water saving tips
Start Date: 31-05-2022
End Date: 15-07-2022
वर्षा जल सहेजने और पानी की बचत के उपाय साझा करें
...
Hide details










SANJAY KUMAR BUNKAR 3 years 10 months ago
वर्षा जल संचयन वर्षा के जल को किसी खास माध्यम से संचय करने या इकट्ठा करने की प्रक्रिया को कहा जाता है। विश्व भर में पेयजल की कमी एक संकट बनती जा रही है। इसका कारण पृथ्वी के जलस्तर का लगातार नीचे जाना भी है
Yash Rawat 3 years 10 months ago
घर में बंद पुरानी बोरिंग को छत के पानी पाईप लाइन से जोड़ सकते है,
ताकि बारिश का पानी जमीन में एकत्र हो जाए। इसके लिए छत की सफाई रखना चाहिये।
Yash Rawat 3 years 10 months ago
नदी के ऊपर बांध डालकर।
और " पानी रोककर और
उसे जमीन में जिरकर" तकनीक से बचाया जा सकता है।
खेत में " खेत तालाब " बनाकर। नाले डीप बनाकर।
नदी में " पुलिया सह बांध " बनाकर पानी बचाकर रख सकते हैं।
Yash Rawat 3 years 10 months ago
जल संरक्षण के प्रयास या वर्षा जल संचयन के प्रयास स्थानीय स्तर पर होने चाहिए और
स्थानीय प्रयासों के बिना जल संरक्षण के प्रयास व्यापक अभियान का रूप नहीं ले सकेंगें।
Yash Rawat 3 years 10 months ago
गैर सरकारी संगठनों, स्थानीय निकायों और व्यक्तियों को स्थानीय पंचायतों के साथ गहनता से जल संरक्षण के काम में शामिल किया जाना चाहिए।
जल प्रबंधकों और नीति निर्माताओं को जल प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
Yash Rawat 3 years 10 months ago
पानी के पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग को अपनाया जाना चाहिए।
ट्रीटमेंट के तरीकों में प्राकृतिक उपचार प्रणाली को शामिल किया जाना चाहिए।
Yash Rawat 3 years 10 months ago
1.सतह जल संग्रह सिस्टम
सतह जल जो वर्षा के बाद ज़मीन पर गिर कर धरती के निचले भागों में बहकर जाने लगता है। बड़े-बड़े ड्रेनेज पाइप के माध्यम से वर्षा जल को कुआं,नदी, ज़क तालाबों में जमा करके रखा जाता है जो बाद में पानी की कमी को दूर करता है।
2. छत प्रणाली इस तरीके में आप छत पर गिरने वाले बारिश के पानी को संजय करके रख सकते हैं। ऐसे में ऊंचाई पर खुले टंकियों का उपयोग किया जाता है जिनमें वर्षा के पानी को संग्रहित करके नलों के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाता है। यह पानी स्वच्छ होता है।
Yash Rawat 3 years 10 months ago
1-जल संग्रह जलाशय
जिसमें बारिश के पानी को तालाबों और छोटे पानी के स्रोतों में जमा किया जा सकता है।
2-भूमिगत टैंक
मिट्टी के अंदर का पानी आसानी से नहीं सूखता है और लंबे समय तक पंप के माध्यम से हम उसको उपयोग में ला सकते हैं।
3- बांध
बड़े बड़े बांध के माध्यम से वर्षा के पानी को बहुत ही बड़े पैमाने में रोका जाता है जिन्हें गर्मी के महीनों में या पानी की कमी होने पर कृषि, बिजली उत्पादन और नालियों के माध्यम से घरेलू उपयोग में भी इस्तेमाल में लाया जाता है।
Vipin Kumar 3 years 10 months ago
अपने फ्लश टैंक को कम बहाव वाले फ्लश टैंक में बदल दें: टंकी में कम पानी का प्रयोग करने के लिए, पानी से भरी प्लास्टिक की बोतल को फ्लश टैंक में रखें। यदि आवश्यक हो तो, आप पानी की बोतल में कंकर या रेत डालकर उसे दबाकर रखें। या फिर, अपने जल बोर्ड से ‘हिप्पो’ या ‘सेव-अ-फ्लश’ को मँगवाएँ।
Vipin Kumar 3 years 10 months ago
स्नान करने, कपड़े और बर्तन धोने के बाद साबुन वाले पानी को बाग में उपयोग करें: हो सके तो, कपड़े धोने की मशीन के आउट लेट में नली लगा कर पानी को बाग की ओर भेज दें। नहाने के पानी का पुनः प्रयोग करने के लिए साइफन पंप का उपयोग करें। बर्तन छलने के बाद, साबुन वाला पानी एक कंटेनर में डालें और उसे बाग में बहा दें।