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Now MBBS studies in Hindi in Madhya Pradesh

Start Date: 02-05-2022
End Date: 22-05-2022

मध्यप्रदेश में अब एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में

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मध्यप्रदेश में अब एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में

इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए साझा करें अपने विचार

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चिकित्सा शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा देश में पहली बार हिंदी माध्यम के चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए MBBS के पाठ्यक्रम को हिंदी में भी करने की शुरूआत की जा रही है। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2022 में शुरु होने वाले एमबीबीएस कोर्स के प्रथम सेमेस्टर में हिंदी भाषा में मेडीकल की शिक्षा दी जाएगी।

मध्यप्रदेश शासन ने यह पहल इसलिए की है क्योंकि चिकित्सा विज्ञान की पुस्तकों में अंग्रेजी भाषा की क्लिष्ट शब्दावली होने से हिन्दी माध्यम एवं ग्रामीण परिवेश से आने वाले मेडीकल छात्र—छात्राओं को चिकित्सकीय विषयों की अंग्रेजी पुस्तकों में उल्लेखित सिद्धांत एवं अवधारणाओं को समझने में कठिनाई होती हैं।

प्रदेश में चिकित्‍सीय शिक्षा में प्रवेश लेने वाले लगभग 75% छात्र हिंदी भाषी होते है, इनको इस निर्णय से सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश में एम.बी.बी.एस. पढ़ने वाले लगभग 10,000 छात्रों में से 7,500 छात्र हिंदी भाषी है।

अंग्रेजी भाषा में प्रवीण नहीं होने के कारण ऐसे छात्र पठन-पाठन में पीछे रह जाते हैं, जिससे उनमें हीन भावना एवं अवसाद उत्पन्न होता हैं तथा परीक्षा के परिणाम प्रभावित होते हैं।

जर्मनी, जापान, चीन जैसे कई देश जो चिकित्सकीय सुविधाएँ और ज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी हैं, मातृभाषा में विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई कराते हैं।
हिंदी माध्यम के छात्रों को भी अपनी मातृभाषा का विकल्प मिले ,इस बात को ध्यान में रखते हुए हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू की जा रही है। प्रथम फेस में 3 विषयों का रूपातंरण कार्य NMC के नियमों को ध्‍यान रखते हुए किया गया है। तदुपरांत पब्‍लिशर द्वारा प्रकाशन के नियमों (copy right) इत्‍यादि के अनुसार पुस्‍तके पब्‍लिश की जाएगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा नवाचार के रूप में प्रथम वर्ष के 3 विषयों की किताबों का रूपांतरण व्यवहारिक पक्ष को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें देवनागरी का उपयोग कर विद्यार्थियों को टूल और प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा रहा है।

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पाठ्यक्रम से जुड़े विभिन्न व्याख्यानों को हिन्दी में ऑडियो-वीडियो बनाकर यू-ट्यूब चैनल के माध्यम से उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाएगा। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जिसने यह नवाचार किया है।

इसे और प्रभावी बनाने और इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव दें, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को इसका फायदा मिल सकें।

आप अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें।

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149 Record(s) Found

Dr Yogesh Gupta 4 years 5 months ago

WHILE LEARNING IN 4 YEARS OF IMG/MBBS TO UNDERSTAND ANY CONCEPT IN LOCAL LANGUAGE COULD BE BENEFICIAL TO STUDENTS.BUT CHANGING WHOLE SYLLABUS IN LOCAL LANGUAGE WILL MAKE INCOMPETENT STUDENTS TO FACE NEET PG/ OTHER STATE PG.IT WILL ALSO CREATE DIFFICULTIES TO UNDERSTAND MEDICAL SUBJECTS LEADING TO CREATION OF AN USELESS FACULTY FOR COMING FUTURE.SO LOCAL LANGUAGE SHOULD BE DESIRABLE THAN MANDATORY.

DrUCYadav 4 years 5 months ago

हिन्दी में एमबीबीएस का अध्ययन और अध्यापन एक नवीन सोपान का शुभारंभ है.। यह सर्वथा उचित निर्णय लिया गया है।

RakeshTiwari 4 years 5 months ago

विश्व के अनेक देशों में अध्यन एवम् अध्यापन उनकी मातृ भाषा में किया जाता ha। भारत में भी सीवी रमन, जगदीश चंद्र बसु द्वारा अपनी मातृ भाषा में ही विश्वविद्यालय में अध्यापन कराया जाता रहा है। यदि हमें अग्रणी बनना है तो अपनी भाषा में ही अध्यापन करना होगा। अतः मैं हिंदी में मेडिकल पढ़ाई का समर्थन करता हूं।

Dr Ekansh Rai 4 years 5 months ago

This is a great move to make complex science more approachable .
Many other country already running mordern allopathy cours in their regional language, it will help nation to get good doctors who understand concepts of this science more in depth.

Dr Dinesh Choudhari 4 years 5 months ago

#मध्यप्रदेश में अब #एमबीबीएस की
पढ़ाई #हिन्दी में
हिंदी भाषा का चिकित्सा विज्ञान के अध्ययन मे महत्व
यू ट्यूब पर दिया गया मेरा वक्तव्य
https://youtu.be/VnZ9eqdmslc
डॉ दिनेश चौधरी
प्रोफेसर,
एम् डी आयुर्वेद, पी एच डी.
भोपाल

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