'गुड सेमेरिटन' - घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने की योजना के लिए सुझाव दें
----------------------------------------------------------
योजना का उद्देश्य — मोटर यान सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में जान बचाने के लिए अस्पताल /ट्रामा केयर सेंटर ले जाने के लिए आम लोगों (गुड सेमेरिटन) को प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना आरंभ की जा रही है। ताकि आम जनता इससे प्रेरित होकर दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की जान बचाने सामने आए ताकि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्युदर में कमी लाई जा सके। इस योजना के अंतर्गत 'गुड सेमेरिटन' को 5 हजार रुपए नगद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
जीवन कीमती है और इसका मूल्य तब पता चलता है, जब किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति मदद की गुहार लगा रहा होता है। अगर इनको तुरंत ही (गोल्डन ऑवर) में अस्पताल पहुंचा दिया जाए या उन तक चिकित्सा सुविधा पहुंचा दी जाए तो इनकी जान बचाई जा सकती है।
ऐसे में हमारे आस-पास कुछ ऐसे नेक व्यक्ति (गुड सेमेरिटन ) होते हैं जो मदद के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाकर घायल को तुरंत अस्पताल ले जाते हैं। अब इन नेक व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ,भारत सरकार द्वारा मोटर यान दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल/ट्रामा केयर सेंटर पहुंचाकर जान बचाने के लिए प्रोत्साहन अवार्ड योजना नाम दिया गया है।
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को नेक व्यक्ति (गुड सेमेरिटन ) द्वारा सीधा अस्पताल/ट्रामा केयर सेंटर ले जाया जाता है तो उस व्यक्ति के बारे में डॉक्टर द्वारा स्थानीय पुलिस को सूचित किया जाएगा। पुलिस द्वारा गुड सेमेरिटन का पूर्ण पता, घटना का विवरण, मोबाइल नंबर आदि एक अधिकृत लेटरपेड पर निर्धारित प्रारूप में लिख कर एक प्रति गुड सेमेरिटन को दी जाएगी एवं एक प्रति जिला अप्रेजल कमेटी को भेजी जाएगी।
जिला अप्रेजल कमेटी द्वारा पुलिस थाना, अस्पताल/ट्रामा केयर सेंटर द्वारा जानकारी प्राप्त होने पर प्रकरणों की समीक्षा कर गुड सेमेरिटन अवार्ड प्रदान करने के लिए निर्णय लिया जाएगा। इस प्रकार चयनित प्रकरणों की सूची को राज्य परिवहन आयुक्त को भेजा जाएगा। यह जानकारी केवल पारितोषक राशि देने के लिए ही दी जावेगी, अन्य किसी कार्य के लिए नहीं|
राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा सीधे गुड सेमेरिटन के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि जमा कर दी जाएगी।
पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI), पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा इस नेक काम में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने और इस योजना को बेहतर बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।
'गुड सेमेरिटन'- घायलों को तुरंत मदद उपलब्ध कराने के इस अभियान को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव यहां comment box में साझा कर सकते हैं।
RudraBharti 4 years 2 months ago
घायलों को अस्पताल पहुंचाने की एक अच्छी योजना है
https://sarkariprep.in/state-wise-government-jobs/
https://sarkariprep.in/sarkariresult/
https://sarkariprep.in/govt-jobs/teaching-jobs/
world knowledge 4 years 2 months ago
घायलों को अस्पताल पहुंचाने की एक अच्छी योजना की पहल मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जिससे लोगों के घरों को उजड़ने से बचाया जा सकता है एक छोटा सा प्रयास एक मानव के जीवन को बचा सकता हैl
Sandeep kumar mishra 4 years 2 months ago
Owsome
Yoga is good
Buddhasen Patel 4 years 2 months ago
Slogansहेल्पforगुड सेमेरिटन
Aदुर्घटनाग्रस्त की मदद कीजए।
म.प्र.सरकार से5000₹का पुरूष्कार पाइए।।
Bदुर्घटनाग्रस्त की हेल्प में देर ना करना।
गोल्डन अवर में हॉस्पिटल पहुँचाना ।।
Cदुर्घटनाग्रस्त की मदद पहला कर्तब्य।
पहलेHospitalफिर जाना गंतब्य।।
Dदुर्घटनाग्रस्त का गोल्डन अवर।
आपके सहयोग से जीवन जायेगा संवर।।
Eदुर्घटना का जन जागरूकता अभियान।
जीवन बचाने में दीजिए योगदान।।
Fभगवान दे आसीरवाद कभी ना हो दुर्घटना।
Goldenअवर में हेल्प से बचने की पूरी संभावना।।
AnilBspatel Dewas9893555703
Ratna wadhwani 4 years 2 months ago
Save biodiversity
Rohit Pawar 4 years 2 months ago
हम सबको इस विषय पर प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना होगा और जहाँ तक हो सके अपने शहर गांव के हर उस जगह जहाँ हमेशा दुर्घटना होती है या हो सकती है वहां पास ही ambulance या police station का नम्बर का बोर्ङ हो और सूचना देने वाले को पुरुस्कार दे ताकि लोगों मे मदद करने का उत्साह आए।
Jay darshan Rawat 4 years 2 months ago
इंसान को इंसान की मदद करनी चाहे वह घायल अवस्था में हो या किसी प्रॉबलम हो।
SuryaprakashMishra 4 years 2 months ago
सड़क दुर्घटना में घायलो को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत करना चाहिए, जिससे समाज में अच्छा मैसेज जाये और लोग घायलो की मदद करने मे आगे आये
Suniti Sharma 4 years 2 months ago
Her person jagruk hoga to niche h jo nuskan hume Jan ka hota h bo nahi hoga , kuch dekhte hue aage bad jaate h agar hum sabhi jagruk rahe to kisi accident case me jaan nahi jaaegi aur time par ilaz mil jaane se jaan se haath nahi dhona padega aur us paribaar ko jiska bo karta dharta h use kuch khona nahi hoga is rakar jagruk ho aap bhi hum bhi aur jaagrukta karkram time to time karte rahe jisse jo dhyan ni dete bo bhi dhyan dene lage hum kam accident mout ya bilkul nahi par vijay pa le Jai hoo
SuryaprakashMishra 4 years 2 months ago
यह योजना हर वह पीड़ित व्यक्ति के लिए मील का पत्थर साबित होगा, देर आये दुरुस्त आये,