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Golden Hour

Start Date: 05-02-2021
End Date: 05-05-2021

'गोल्डन ऑवर'- घायल के लिए संजीवनी - इस कैंपेन हेतु सुझाव आमंत्रित ...

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'गोल्डन ऑवर'- घायल के लिए संजीवनी - इस कैंपेन हेतु सुझाव आमंत्रित है।

जीवन कीमती है और इसका मूल्य तब पता चलता है, जब किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति मदद की गुहार लगा रहा होता है। ऐसे में हमारे आस-पास कुछ ऐसे नेक व्यक्ति होते हैं जो मदद के लिए अपना हाथ आगे करते हैं और घायल को अस्पताल ले जाते हैं। पुलिस अब इन नेक व्यक्तियों से कोई पूछताछ नहीं करेगी ।

अतः अब केंद्रीय सरकार, मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 134क के अनुसार जो नेक व्यक्ति है उन पर नियम 168 लागू होगा। जिसमे निहित है कि नेक व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव किये बिना सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाएगा।

पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI), पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा इस नेक काम में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 'गोल्डन ऑवर'- घायल के लिए संजीवनी कैंपेन शुरू किया गया है। इस कैंपेन का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए नागरिकों को प्रेरित करना है।

सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों / सामजिक संगठन / ट्रस्ट एवं सेमेरिटन द्वारा किए गए सराहनीय कार्य को सम्मानित करते हुए केंद्र सरकार का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा केंद्र एवं राज्य स्तर पर अलग-अलग श्रेणियों में पुरुस्कृत किया जाएगा।

विस्तृत जानकारी मंत्रालय की वेबसाइट https://morth.nic.in/ पर उपलब्ध है।
मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019

'गोल्डन ऑवर'- घायल के लिए संजीवनी कैंपेन को बेहतर बनाने के लिए और नेक व्यक्तियों की साझेदारी बढ़ाने के लिए अपने सुझाव यहां comment box में साझा कर सकते हैं।

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168 Record(s) Found

DISHANT 10A 4 years 10 months ago

ड्राइवरों के लिए आचार संहिता का निर्माण- वाहन चालकों के लिए एक आदर्श आचार संहिता बनाई जाए, जिसमें उनके लगातार वाहन चलाने, आराम करने, सोने, आँखों की जाँच, दवाइयाँ व शराब इत्यादि से सम्बन्धित स्पष्ट दिशा-निर्देश हों। ऐसी आचार संहिता बनाकर उसे लागू किया जाए।

2. प्रत्येक कार में ब्लैक-बॉक्स की सुविधा उपलब्ध हो-हवाई जहाज की तर्ज पर प्रत्येक कार में ब्लैक-बॉक्स जैसे यंत्र की सुविधा उपलब्ध कराई जाये। जिसमें गाड़ी की स्पीड और अन्य मुख्य नियंत्रणों की रिकॉर्डिंग दर्ज हो सके।

zakariya qadri 4 years 10 months ago

दुर्घटना के समय कुछ लोग बजाय पिडीतो की मदद करने के मोबाइल के जरिए तस्वीरे खीचने लगते है अगर वो उस कीमती समय मे घायलों की मदद करे तो बेहतर होगा

AJAY SINGH 12B 4 years 10 months ago

1. ड्राइवरों के लिए आचार संहिता का निर्माण- वाहन चालकों के लिए एक आदर्श आचार संहिता बनाई जाए, जिसमें उनके लगातार वाहन चलाने, आराम करने, सोने, आँखों की जाँच, दवाइयाँ व शराब इत्यादि से सम्बन्धित स्पष्ट दिशा-निर्देश हों। ऐसी आचार संहिता बनाकर उसे लागू किया जाए।

2. प्रत्येक कार में ब्लैक-बॉक्स की सुविधा उपलब्ध हो-हवाई जहाज की तर्ज पर प्रत्येक कार में ब्लैक-बॉक्स जैसे यंत्र की सुविधा उपलब्ध कराई जाये। जिसमें गाड़ी की स्पीड और अन्य मुख्य नियंत्रणों की रिकॉर्डिंग दर्ज हो सके।

Gautami Shrimal 4 years 10 months ago

This is duty of every people to help their brother or sister which somehow meet the road accident. And I would appreciate my gov. Who is taking this step to help road victims and to improve the condition of people in future. So my suggestion to this problem is : 1 ambulance should be there near this area so that it can easily come and help them 2 security should be increased so that people drive the vehicle slowly 3 by educating the people to follow traffic rules and by doing nukkad natak

Lalitasharma 4 years 10 months ago

सड़क दुर्घटना को रोकने एवं पीड़ितों की सहायता करने के लिए इन निर्देशों का पालन करना आवश्यक है

Muskan neema 4 years 10 months ago

It's an act of humanity to help the victims of road accident but most people fear to do help as they think that they will get trapped in investigation procedure.
Thus, it's very appreciable that mp govt. is taking an initiative to help the victims.
My suggestion are-1. After formulation proper implementation should be done. 2. By putting this info on banners people will get to know about this. 3. Further mobile units and more cctv cameras installation can also be done.
Thank you..!!!

Alishakumari 4 years 10 months ago

अक्सर देखा गया है की दुर्घटना में घायल को समय पर एम्बुलेंस या अन्य वहां नहीं मिलता, लोग एक दुसरे को देखते है, और जो मदद भी करता है उसे अस्पताल वाले परेशान कर देते है, अपनी कागजी करवाई से, लोगो को पहले तो ये विस्वास दिलाना होगा की आप मदद करो, और पुलिस, एम्बुलेंस जल्द पहुचे और तत्काल इलाज शुरू हो, इस से कई घायलो को बचाया जा सकेगा

Sristhi Sharma 4 years 10 months ago

दुर्घटनाओं में पीड़ित व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए। सम्मान, शाबाशी और मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा सकता है समेरा मनना हैं कि इसे कुछ लोग मदद करने में आगे बढेंगेजब भी कहीं घटना होती है तो अस्पताल में ले जाने पर पहले घायल तो प्राथमिकता दी जानी चाहिए फिर उसके ठीक होने के बाद कागजी कारवाही करनी चाहिए ।

Deependra Singh Nahar 4 years 10 months ago

अक्सर देखा गया है की दुर्घटना में घायल को समय पर एम्बुलेंस या अन्य वहां नहीं मिलता, लोग एक दुसरे को देखते है, और जो मदद भी करता है उसे अस्पताल वाले परेशान कर देते है, अपनी कागजी करवाई से, लोगो को पहले तो ये विस्वास दिलाना होगा की आप मदद करो, और पुलिस, एम्बुलेंस जल्द पहुचे और तत्काल इलाज शुरू हो, इस से कई घायलो को बचाया जा सकेगा

Anushka Yadav 4 years 10 months ago

दुर्घटनाओं में पीड़ित व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए। सम्मान, शाबाशी और मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा सकता है समेरा मनना हैं कि इसे कुछ लोग मदद करने में आगे बढेंगेजब भी कहीं घटना होती है तो अस्पताल में ले जाने पर पहले घायल तो प्राथमिकता दी जानी चाहिए फिर उसके ठीक होने के बाद कागजी कारवाही करनी चाहिए ।