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पाँच साल तक के सभी बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए साथ मिलकर पहल करें
Start Date: 15-03-2018
End Date: 28-04-2018
कुपोषण तब होता है जब भोजन में आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में ...
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ANIL KUMAR CHATURVEDI 8 years 3 months ago
कुपोषण से मुक्ति के लिये सबसे पहले लोगो को जागरूक करना होगा और फ़िर उनके लिये सरकार द्वारा चलाये जा रही योजनाओ का सही क्रियान्वयन हो साथ हि जहा ज्यादा कुपोषण है जेसे श्योपुर हुआ इन जिलो मे आदिवासी बाहुल इलाका होने के वजह से इन लोगो तक सही तरीके से नही पहुच पाता है| मे खुद श्योपुर से निवास करता हू जहा तक मेने देखा है मेरे आसपास के गाँव के लोगों को स्वछ्ता कि ओर कोई बदलाव नहीं है जब तक स्वछ नही होंगे तबतक कुपोषण से मुक्ति नही मिल सकती|मेरा तो एक हि स्लोगन है गाँवो मे स्वछता आयेगी ओर कुपोषण जायेगा
sonu meena 8 years 3 months ago
कुपोषण से मुक्ति के लिये सबसे पहले लोगो को जागरूक करना होगा और फ़िर उनके लिये सरकार द्वारा चलाये जा रही योजनाओ का सही क्रियान्वयन हो साथ हि जहा ज्यादा कुपोषण है जेसे श्योपुर हुआ इन जिलो मे आदिवासी बाहुल इलाका होने के वजह से इन लोगो तक सही तरीके से नही पहुच पाता है| मे खुद श्योपुर से निवास करता हू जहा तक मेने देखा है मेरे आसपास के गाँव के लोगों को स्वछ्ता कि ओर कोई बदलाव नहीं है जब तक स्वछ नही होंगे तबतक कुपोषण से मुक्ति नही मिल सकती|मेरा तो एक हि स्लोगन है गाँवो मे स्वछता आयेगी ओर कुपोषण जायेगा
parsai_prashant 8 years 3 months ago
कुपोषण के लिए निःसंदेह सरकार ने प्रयास किए लेकिन इसकी असफलता का प्रमुख कारण इनका जमीनी स्तर पर माँ और बच्चे तक इन सुविधा का नहीं पहुँच पाना हैं।
इसके लिए जिला स्तरीय कुपोषण आयोगो का गठन जिसमें जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायतो तक हर स्तर के जिम्मेदारो को शामिल किया जाए तथा जो हर स्तर पर सरकारी मदद की माॅनीटरींग कर सके तथा आँगनवाड़ियो में बच्चो को दिए जाने वाले पोषक आहारों को किसी Nutrition Expert की टीम द्वारा तैयार करवाया जाए जो सुलभता से बिना किसी रुकावट के हर पिछड़े क्षेत्रकी माँ-बच्चे तकपहुचे
NEEL 8 years 3 months ago
प्रदेश में कुपोषण का प्रबंधन करने वाले संविदा स्वास्थ कर्मचारी विगत 25 दिनों से अपने हक की लड़ाई के लिए हड़ताल पर बैठे हैं ......शासन द्वारा आज तक इनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया उल्टा उन्हें संविदा नौकरी से ही पृथक कर दिया..... जिस प्रदेश में कुपोषण को दूर करने वाला कर्मचारी ही कुपोषित हो गया है उस प्रदेश से कुपोषण को कैसे दूर किया जा सकता है....
Raju patel 8 years 3 months ago
कुपाेषण् एक गंभ्ीर बीमरी है कुपाेषण् तब हाेता है जब िकसी व्यक्ति के अाहार में पाेषक
ततवाें की सही मात्रा नही हाेती है। भाेजन अापकाे सवसथ् नही रख्नने के िलए पाेषक ततव पृदान करता है।
sandip ghayal 8 years 3 months ago
Mother and child health tracking (mcts)यह बहोत प्रभावशाली माध्यम है जो कुपोषण से बचा सकता है|मिशन इंद्र धनुष के माध्यम से टिका दिलवाने से बचचा रोगमुकत एवम सशक्त होंगे | जो कुपोषित माता एवम बालकों के लिये कुछ अवधी के लिये ईकटटा रहणे से उनपर नजर रख सकते है|बाल विकास केंद्र के माध्यम से बचचे को अॅडमिट करणे कुपोषण हटा सकते हैं |प्रेगनंसी मे माता को आयरन और कॅल्शियम के अलावा प्रोटीन सिरप वा पावडर, शतावरी कलप,मालटोज सिरप आदि दवाईयाॅ देने से माॅ और बचचे सेहदमंद रहेगे इसमे कोई शकतो नहीं है|
SHAILESH SHARMA 8 years 3 months ago
कुपोषण के लिए हमें माताओं बहनों के लिए बाहर से एक टीम आकर हर पंचायत स्तर पर उनको एक आहार यानि डे बाय डे उनकी संतुलित आहार लिस्ट बनाना एवं वातावरण को कैसे स्वच्छ रखा जाये इसमें अधिकारियो को भी आना चाइये एवं गाव की महिलाओं को उनके कपड़े यानि सेनेटरी पेड़ यूज़ करना चाइये अपने कपड़े सही साफ सुथरे बेबी के भी कपड़े एवं घर का वातावरण पर उनको गाव की महिलाओं को स्वच्छा रखने का संदेश दिया जाना चाइये एवं जो महिला बिलकुल इन चीज़ों का पालन करती हो उनको मप्र में सम्मान देना चाइये ताकि दूसरे और जागरूक हो सके।
SARASWATI BALA CHAKRADHARI 8 years 3 months ago
*Kuposhan* ko samapt Karne ka sahi tarika yahi h ki koposhan ki jaad ko samap karna.
Or iske liye ek maa ka
Swastha or jagruk hona jaruri h
Or uske liye jaruri h nimn bate
1.#Education#
1.Swach vatawaran,pine ka saaf pani
2.Santulit or paustik ahar(pet to kisi bhi khane se bhara ja sakta h per ek maa ke liye kewal pet bharna important nai hota balki ek maa ke liye uske pet me pal rahe bacche ko ek uchit aahar Dena bahot important hota h
3.Uchit dava
4.vyayam
5.swachata ki jankari
Upendra barfa 8 years 3 months ago
जब तक भगवान भुखा रहॆगा तब तक उसका आशीर्वाद काम नही करॆगा
Devendra Kirar Bareli 8 years 3 months ago
मामा योजना,आर्थिक सांखियकी विभाग के 1510 प्रगणक मार्च 2015 से सेवा मुक्त है प्रगणको को सेवा में वापिस लो और मार्च 2015 से आज का मानदेय दो या गुजरा भत्ता दो हमारे भी घर परिवार है हमें भी भूख लगती है