रचनात्मक कोना
- Competitions on COVID-19 Appropriate Behaviour
- Creative Corner
- Creative Quarantine
- Department of Culture
- Department of Farmers welfare and Agriculture Development
- Department of Mines and Minerals
- Department of School Education - Madhya Pradesh
- Dil Se CM Radio Program
- Lok Seva Department
- Madhya Pradesh Tourism Department
- Smart City Bhopal
- आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण
- कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग
- तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग
- देखो अपना देश
- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
- नया मध्यप्रदेश
- मध्य प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड
- मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
- मध्यप्रदेश वन विभाग की वन्यजीव शाखा
- मध्यप्रदेश सरकार का सफल 1 वर्ष
- माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश
- लोक स्वास्थ्य विभाग, मध्य प्रदेश
- संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण विभाग
- सामाजिक न्याय एवं निशक्त जन कल्याण विभाग
- स्तनपान शिशु के जीवन का आधार
नि:शक्तजनों के सशक्तिकरण हेतु नागरिकों के सुझाव आमंत्रित हैं
Start Date: 05-11-2020
End Date: 11-01-2021
हर व्यक्ति इतना भाग्यशाली नहीं होता कि वह जन्म से ही स्वस्थ शरीर के ...
Hide details










NASEEV KHAN 5 years 10 months ago
हर व्यक्ति इतना भाग्यशाली नहीं होता कि वह जन्म से ही स्वस्थ शरीर के साथ पैदा हो। सार्वजनिक अनुभूति और पूर्वधारणा के कारण अक्सर दिव्यांगजनों के कौशल और क्षमता को काफी हद तक कम आँका जाता है। जबकि ज्यादातर मामलों में, यह देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति हमसे ज्यादा गुणवान होते हैं। फिर चाहे बात भिंड की केनोइंग खिलाड़ी पूजा ओझा की हो, प्रदेश के फेमस अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग तैराक सतेन्द्र सिंह लोहिया, खंडवा के दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी सोनू गोलकर, सिहोरा जबलपुर की कुमारी जानकी गौद या फिर भोपाल की रहने वाली पू
Santanu Datta 5 years 10 months ago
Govt. should try to develop attitude of good feeling not pity among ordinary persons towards DIVYANG.
Govind Sharma 5 years 10 months ago
निशक्तजनो के सशक्तिकरण हेतु शासकीय नौकरियों में दिव्यांग जनों के लिए एक कक्षा विशेष के बाद उन्हें उनके योग्य शासकीय नौकरी का प्रावधान होना चाहिए ताकि वे स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बन सके जिससे कि समाज में उनके प्रति सामाजिक बदलाव एवं परिवर्तन हो सके तथा समाज में लोगों में या मानसिकता बदली जाए कि जो दिव्यांगजन हमारे भाई बहन हैं वह कहीं ना कहीं आम नागरिक की तरह ही होते हैं इसी प्रकार समाज का नजरिया उनके प्रति नकारात्मकता को खत्म कर देना चाहि तथा जो दिव्यांग भाई बहन पढ़े उन्मूलन कार्य से जोड़ना चाहिए
NASEEV KHAN 5 years 10 months ago
FacebookTwitter
हर व्यक्ति इतना भाग्यशाली नहीं होता कि वह जन्म से ही स्वस्थ शरीर के साथ पैदा हो। सार्वजनिक अनुभूति और पूर्वधारणा के कारण अक्सर दिव्यांगजनों के कौशल और क्षमता को काफी हद तक कम आँका जाता है। जबकि ज्यादातर मामलों में, यह देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति हमसे ज्यादा गुणवान होते हैं। फिर चाहे बात भिंड की केनोइंग खिलाड़ी पूजा ओझा की हो, प्रदेश के फेमस अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग तैराक सतेन्द्र सिंह लोहिया, खंडवा के दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी सोनू गोलकर, सिहोरा जबलपुर की कुमारी जानकी गौद या फिर भोपा