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आकाशीय बिजली और बाढ़ से बचने के उपायों पर अपने विचार साझा करें

Start Date: 27-07-2021
End Date: 19-09-2021

आकाशीय बिजली और बाढ़ से बचने के उपायों पर अपने विचार साझा ...

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आकाशीय बिजली और बाढ़ से बचने के उपायों पर अपने विचार साझा करें

राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDERF), मध्य प्रदेश, भोपाल MP MyGov के सहयोग से सभी नागरिकों से बाढ़ सुरक्षा से बचने के उपाय पर अपने विचार साझा करने के लिए आग्रह करता है। जिससे प्रदेश में आकाशीय बिजली और बाढ़ सुरक्षा से बचने के उपायों को और बेहतर एवं सुरक्षित बनाया जा सके।

हम जानते हैं प्राकृतिक आपदा जैसे -आकाशीय बिजली और बाढ़ कभी भी घटित हो सकती है और ये आपदाएं कभी-कभी इतनी भयावह और बड़ी होती है कि इसे रोक पाना असंभव हो जाता है। लेकिन ऐसी आपदाओं में छोटे-छोटे एहतियाती उपाय हमें खुद को सुरक्षित रखने में काफी हद तक मदद कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर-

✦ जब भी आप घर के अंदर हो तो बिजली से चलने वाले उपकरणों को बंद कर दे।
✦ बिजली की सुचालक वस्तुओं से दूर रहे।
✦ पास के किसी मकान में आश्रय ले।
✦ सफर के दौरान अपने वाहन में रहे और दो पहिया वाहन की सवारी से बचे।
✦ बिजली या टेलीफोन के खम्बों से दूरी बना के रखे।
✦ नदी के किनारों से सुरक्षित दूरी पर रहें।
✦ पुल पर पानी रहने की स्थिति में उसे पार ना करें / अनावश्यक आवागमन से बचें।
✦ ऐसे स्थान जहां पानी का तीव्र बहाव हो वहां पिकनिक मनाने ना जाएं।
✦ ग्रामीण क्षेत्र के निवासी बारिश के समय मवेशी चराने ज्यादा दूर स्थान पर ना जाएं।
✦ ग्रामीण जन अपने घरों में आपातकालीन सामान जैसे- हवा भरे ट्यूब, रस्सियाँ, टार्च, बांस, सीटी इत्यादि अवश्य रखें।

इन दोनों ही स्थिति में घबराएं नहीं, आपातकालीन टोल फ्री न. डायल 100,1079 पर सूचना दें।

राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDERF) मध्य प्रदेश, आपदाओं की रोकथाम, आपदा के समय राज्य में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर अपना कर्तव्य निभा रहा है।

प्राकृतिक आपदा के समय एहतियाती और सुरक्षात्मक उपायों पर लोगों में जागरूकता के लिए राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल, मध्य प्रदेश आपके सुझाव आमंत्रित करता है।

आप हमें बताएं कि-
1. इन दोनों स्थिति में बचाव के सुझाव तथा भारी वर्षा होने की स्थिति में आस पास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की जानकारी MP My Gov के साथ साझा करे

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207 Record(s) Found

ShivangiMishra 4 years 7 months ago

राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDERF), मध्य प्रदेश के जवान प्रकृति आपदा से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करते हैं।

SUDARSHAN SOLANKI 4 years 7 months ago

आकाशीय बिजली क्या है.? क्यों बढ़ रही है बिजली के चमकने और गिरने की घटनाएं? इससे कैसे बचाव व सुरक्षा की जा सकती है... पढ़िए इस आलेख में...
https://www.spsmedia.in/global-environment/increase-in-global-temperatur...

SUDARSHAN SOLANKI 4 years 7 months ago

बाढ़ आना एक सामान्य प्राकृतिक आपदा है किन्तु प्रकृति के विरुद्ध किए जा रहे मानवीय क्रियाकलापों के कारण बाढ़ की तीव्रता, परिमाण और विध्वंसता अत्यधिक बढ़ गई है। यदि हम प्रकृति के साथ ताल मेल बैठाकर चले तो बाढ़ ही नहीं अपितु कई तरह की आपदाओं से सुरक्षित रह सकेंगे। लिंक पर क्लिक कर पढ़े पूरा लेख https://www.spsmedia.in/global-environment/the-intensity-and-destruction...

RAVI KHAVSE 4 years 8 months ago

आकाशीय बिजली से बचने के लिए घरों में रहे।
बाढ़ से बचने के लिए ऊंचे स्थान पर जाना
चाहिए।

PareshNagpurkar 4 years 8 months ago

1. We can do one thing for streamlining electricity consumption, we have to plan for Prepaid Energy meterisation concepts, as like Maharashtra electricity discom is doing this will gradually increase in revenue and enable us cash enrich.
2. For flood preventive measures we will have to advance find out water submurge area information and religiously start to work for rehabilitation persons belongs to that area.

Dr Usha Shukla 4 years 8 months ago

आज का मनुष्य केवल आज को और केवल खुद को ही देख रहा है।ऐसी विषम परिस्थितियों में जनमानस को जगाने की जरूरत है। हमें फिर से दोहराना होगा अपने पृथ्वी संकल्प को-
यत् थे भूमे विखनामि क्षिप्रं तथ्य अपि रोहतु।

Dr Usha Shukla 4 years 8 months ago

आकाशीय बिजली और बाढ़ से रक्षा-
*प्रत्येक भवन जो तीन मंजिला से अधिक है तड़ित चालक अनिवार्य किया जाए, नियम का पालन न करने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
*जिन शहरों में नालों की चौड़ाई घटाई गई है उनका बारीकी से निरीक्षण किया जाना चाहिए और विधिवत रूप में प्लानिंग कमेटी द्वारा निर्धारित लेखा जोखा रखने की जरूरत है। जैसे जबलपुर के नालों की चौड़ाई घटाई गई है कुछ वर्षों बाद भयावह जलप्रलय की स्थिति निर्मित हो सकती है। ऐसे मामलों की जांच कर सुधार करने के निर्देश दिए जाना चाहिए।