You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

‘गोवंश संरक्षण’ के लिए स्लोगन प्रतियोगिता

Start Date: 30-12-2019
End Date: 25-02-2020

मध्य प्रदेश सरकार, पशुपालन विभाग नागरिकों से अपील करता है कि वह ...

See details Hide details
समाप्त हो चुके

मध्य प्रदेश सरकार, पशुपालन विभाग नागरिकों से अपील करता है कि वह ‘मुख्यमंत्री गौसेवा योजना’ अंतर्गत ‘गोवंश संरक्षण’ के महत्व को लेकर mp.mygov.in पर एक आकर्षित स्लोगन भेजें। स्लोगन विषय से संबंधित होना चाहिए।

पुरस्कार राशि: 10,000/- रुपये

प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 25 फरवरी 2020 है।

भारतीय संस्कृति में गौवंश का अपना स्थान है। विगत वर्षों में रासायनिक खाद की बढ़ती उपयोगिता एवं कृषि में यांत्रिकीकरण से गोबर एवं बैलों का महत्व लगभग शून्य हो गया है। फलस्वरूप कम उत्पादक (कम दूध देने वाले) गौवंश को पशु मालिकों द्वारा छोड़ा जाने लगा। यह गौवंश निराश्रित विचरण कर पेट भरने के लिए पाॅलीथिन तक खाने पर विवश हो गया। ऐसा निराश्रित गौवंश न केवल सड़क दुर्घटना का कारण बन रहा है बल्कि हमारे किसान भाईयों की फसलों को भी नुकसान पंहुचा रहा है।

निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए मध्यप्रदेश गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड द्वारा गौशालाओं का पंजीयन कर अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। जिसके अंतर्गत वर्तमान में 627 गौशालाओं के 1.66 लाख गौवंश को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा पहल करते हुए मुख्यमंत्री गौसेवा योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत 1000 ग्राम पंचायतों में नवीन शासकीय गौशालायें खोलने का बीड़ा उठाया गया है। लगभग 100 ग्राम पंचायतों में गौशालाओं का निर्माण पूर्णता की ओर है व शेष को मार्च 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। आमजन को गौसेवा व गौशाला से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा वेब पोर्टल भी तैयार किया गया है। जिसके माध्यम से आप गौशालाओं को या सीधे बोर्ड को दान कर सरकार की इस मुहिम में सहभागी बन सकते हैं।

नियम एवं शर्तें:
● प्रतियोगिता में सभी भारतीय नागरिक भाग ले सकते हैं।
● एक ही प्रतिभागी द्वारा कई प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
● स्लोगन अधिकतम 20 शब्दों का हो।
● प्रविष्टि को उसके लॉग-इन विवरण के आधार पर ही प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा।
● कृपया सुनिश्चित करें कि आपका ईमेल पता सही और परिचालन में है क्योंकि इसी के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।
● प्राप्त सभी प्रविष्टियों के कहीं भी उपयोग का सर्वाधिकार गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड, मध्य प्रदेश के पास सुरक्षित रहेगा।
● श्रेष्ठ प्रविष्टि का चयन गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड, मध्य प्रदेश द्वारा किया जायेगा और उनका निर्णय अंतिम होगा।
● स्लोगन राष्ट्रभाषा हिंदी में ही स्वीकार्य होंगे।
● प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि उनके नाम, पता, ई-मेल एवं फोन नंबर जैसे विवरण शामिल है। अपूर्ण प्रोफाइल के साथ प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
● प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि -
○ उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तो का अनुपालन किया है।
○ उनकीं प्रविष्टियां मूल है।
○ उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन नहीं करती हैं।

“भूखी प्यासी गाय करे करुणामयी पुकार, ये मानव कर मेरी सेवा और ले ले मंगल दुआएं हज़ार”

All Comments
Total Submissions ( 532) Approved Submissions (502) Submissions Under Review (30) Submission Closed.
Reset
502 Record(s) Found

sunil 6 years 2 months ago

गोमाता को साक्षात लक्ष्मी माता की तरह पूजन करे तो गोमाता को आसानी से पाला जा सकता है।

Nitin Kumar Patel 6 years 2 months ago

'हरि' 'हर' लेंगे, जीवन की सब पीड़ा |
आओ हम मिलकर उठायें गौ संवर्धन का बीड़ा ||

File: 

Shubham patel 6 years 2 months ago

गाय अमर स्त्रोत है, मानव के जीवन की।
गाय सरल सी राह है, स्वर्ग के सृजन की।

Nikhil singh 6 years 2 months ago

गौ संरक्षण वर्तमान भारत का सर्वाधिक ज्वलंत मुद्दा है. इसीलिए इसपर बहुत चर्चा होती है। निश्चित रूप से गाय इस देश के बहुसंख्यक लोगों की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। गौहत्या को ब्रह्म हत्या के समान माना जाता है। इसीलिए गौ-हत्या के समाचार समाज को विचलित करते है। ऐसे मामलों में विवाद भी कम नहीं होते। कानून को अपने हाथ में लेने के समाचार भी आते रहते है। पिछलंे दिनों हुई कुछ दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटनाओं के बाद प्रधानमंत्री के फर्जी गौ-रक्षकों पर कड़े बयानों के बाद अनेक संगठनों की ओर उनकी कड़ी आलोचना भी हुई।

Priyanka Rathore 6 years 2 months ago

करते हो क्यों हमें परेशान, आखिर क्या किया है हमने तुम्हारा नुकसान,
हम पर क्यौं करते हो अत्याचार, जरा एक बार तो करो विचार,
तुमने किया कबजा पूर्ण भूमि पर, फिर भी नहीं कहा हमने कुछ भी,
कम से कम इतनी तो दे दो जगह कि काट लें अपना शेष जीवन ही।

ASHISH TATU 6 years 2 months ago

जैविक खादसे खेती अच्छी,घी-दूधसे सेहत बने;
गोवंशके संरक्षणसे धरती नंदनवन बने।