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महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर निबंध लेखन प्रतियोगिता

Start Date: 19-09-2019
End Date: 21-10-2019

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य लोक सेवा ...

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राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य लोक सेवा अभिकरण (MP-SAPS) द्वारा गांधी जी के जीवन, उनके विचारों और उनके द्वारा किये गए कार्यों से प्रेरणा लेकर “लोकतंत्र और महात्मा गांधी” के विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन MP MyGov पोर्टल पर किया गया है।
इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में नागरिक हिस्सा ले सकते हैं। यह प्रतियोगिता 20 अक्टूबर 2019 तक ऑनलाइन https://mp.mygov.in/ पोर्टल पर संचालित की गई है।

प्रतियोगिता और उसके विषय से संबंधित जानकारी:-

1. विषय - लोकतंत्र और महात्मा गाँधी।
2. निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्राप्त पांच सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जायेगा।

उक्त प्रतियोगिता में चयनित विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि एवं विजेताओं का चयन राज्य लोक सेवा अभिकरण द्वारा गठित समिति द्वारा किया जायेगा। निर्णायक समिति का निर्णय ही अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।

प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तें:-

1. प्रविष्टियाँ सबमिट करते समय सबसे पहले मुख्य विषय का नाम, अपना आलेख , प्रतिभागी का नाम, जिले का नाम, पता, ई-मेल एड्रेस और फोन नंबर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
2. किसी भी प्रतिभागी द्वारा भेजी गयी एक से अधिक प्रविष्टियाँ स्वीकार्य नहीं की जाएंगी।
3. इस प्रतियोगिता से जुड़े सभी प्रतिभागियों को mp.mygov.in पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।
4. किसी और माध्यम से भेजी गयी प्रविष्टियाँ मान्य नहीं की जाएंगी।
5. सभी नागरिक इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
6. सभी प्रविष्टियां सिर्फ ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी।
7. निबंध लेखन (हिंदी या अंग्रेजी) की शब्द सीमा : अधिकतम 300 शब्द है।
8. विषय के चयन में संगतता न होने पर प्रविष्टि निरस्त की जाएगी।
9. प्रविष्टियों का चयन विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया जायेगा।
10. प्रविष्टि में कोई उत्तेजक / आपत्तिजनक शब्द नहीं होने चाहिए।
11. सभी चयनित प्रविष्टि के सर्वाधिकार / कॉपीराइट MP MyGov, राज्य लोक सेवा अभिकरण (SAPS) मध्यप्रदेश के होंगे एवं इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार सुरक्षित होगा।
12. प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि :-
a) उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तों का अनुपालन किया है।
b) उनकी प्रविष्टियां मूल हैं।
c) उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन नहीं करती है।

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65 Record(s) Found
204110

Dharmendra Bhardwaj 5 years 5 months ago

उनके विचारों में लोकतंत्र के प्रति उनकी निष्ठा उजागर होती है। उनके विचारों को विश्व के सभी देशों ने माना। हमें उनके विचारों और आदर्शो को अपनाना चाहिए जो कि लोकतत्र के आधार है जिस पर लोकतंत्र टिका है और जो इसकी आत्मा है।

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Dharmendra Bhardwaj 5 years 5 months ago

भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में जाना जाता है और जिसके आदर्शो और सिद्धांतों पर यह लोकतंत्र खड़ा है वह महात्मा गांधी है। गांधी जी समाज के सभी वर्गो को समान अधिकार के पच्चधर थे वे समतावादी विचारधारा के समर्थक थे गांधी जी के विचारों से ही लोकतंत्र का सार है। वे सभी वर्गो के सामाजिक आर्थिक विकास पर बल देते थे। वे हिंसा के खिलाफ थे तथा स्वार्थ सिद्धि की भी खिलाफत करते थे वे प्रेम को लोकतंत्र का आधार मानते थे जिसके लिए भाईचारे की भावना पर बल देते थे।

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amit garg 5 years 5 months ago

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सिद्धांतों से ही देश में लोकतंत्र क़ायम है।उनके द्वारा बताए गए सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांत से ही विश्व शान्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।विश्व के कई देशों के टुकड़े हो गए हैं लेकिन गाँधी जी के बताए मार्ग पर चलने के कारण ही हमारा देश आज भी अखंड है।गाँधी जी का कहना था कि अहिंसा और नैतिक शुद्धता में विश्वास न होने के कारण पश्चिम के राज्यों में नाममात्र का लोकतंत्र है।गाँधी जी प्रेम को लोकतंत्र का सच्चा आधार मानते थे।गाँधी जी ने लोकतंत्र की असली शक्ति पर बल दिया।

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amit garg 5 years 5 months ago

लोकतंत्र औऱ महात्मा गांधी
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने भारत में एक शक्तिशाली और स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आबादी के सभी वर्गो की सहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया था।उन्होंने लिखा है लोकतंत्र का सार वास्तव में विभिन्न वर्गों के लोगों के समस्त शारिरिक, आर्थिक और आध्यात्मिक संसाधनों को सर्व कल्याण के लिए जुटाने की कला और विज्ञान है।
यह आम धारणा है कि विश्व में सर्वप्रथम राजतंत्र का जन्म हुआ है और उसका विकसित रूप लोकतंत्र है।भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी