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मनाये प्रदूषण मुक्त दिवाली, संरक्षित करे हरियाली

Start Date: 12-10-2018
End Date: 26-11-2018

‘दीपावली’ अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की कामना... ...

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‘दीपावली’ अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की कामना...

वास्तव में दीपावली कोई एक दिवसीय पर्व नही, अपितु यह अनेकों त्योहारों का समूह है, इसलिए इसे उत्सवों का मौसम भी कहा जाता है जिसे हम बहुत उमंग, उत्साह, आनंद और खुशियों के रंग के साथ मनाते हैं। हम इसे 'प्रकाश का उत्सव' भी कहते हैं क्योंकि यह हमारे जीवन को खुशी से प्रकाशित करता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अंधेरे पर प्रकाश, अज्ञानता पर ज्ञान और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक है।

न जाने खुशियों और उल्लास के कितने रंग समाहित हैं इस पर्व में, परन्तु आज यह उत्सव सिर्फ पटाखों की तेज़ आवाजों और हानिकारक धुएँ का प्रतीक बन कर रह गया है, जिनकी वजह से होने वाला ध्वनि एवं वायु प्रदूषण न केवल हमारे लिए बल्कि हमारे पूरे पर्यावरण के लिए हानिकारक है।

तो आइए इस बार हम सब पर्यावरण को बिना प्रदूषित किये दीपावली के उत्सव को मनाएं। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (EPCO) इस वर्ष ‘प्रदूषण मुक्त दीपावली उत्सव’ मनाने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है जो निश्चित ही प्रदूषण मुक्त पर्यावरण बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल होगी।

आप इस वर्ष पर्यावरण को बिना हानि पहुचाये, प्रदूषण रहित दीपावली कैसे मनाएंगे जो ‘हरित दीपावली’ शब्द को सार्थक करके समाज के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके? अभियान का उद्देश्य जन सामान्य को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए प्रेरित कर पर्यावरण को संरक्षित करना है। प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के व्यवहारिक IDEA को हमसे साझा करें।

चयनित पाँच प्रविष्टियों को रूपये 1,000/- के प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तें -

• देश का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में सहभागिता कर सकता है।
• प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियो को www.mp.mygov.in पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है । प्रतिभागी https://mp.mygov.in/user/register/ पर जा कर स्वयं को रजिस्टर कर सकते है |
• एक प्रतिभागी द्वारा केवल एक प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी एक से अधिक प्रविष्टियाँ किसी भी प्रतिभागी के द्वारा स्वीकार्य नहीं की जाएंगी।
• सभी प्रविष्टियां केवल www.mp.mygov.in पर सबमिट की जानी चाहिए।
• Idea सुझाने के पीछे क्या तर्क है, इसका स्पष्टीकरण दें (अधिकतम 50 शब्दों में)
• कृपया अपने Idea को PDF/Word फॉर्मेट के साथ-साथ फोटो या वीडियो भी अपलोड करें (फोटो अथवा वीडियो से अर्थ है कि आप किस तरह दीपावली को बिना प्रदूषण के मना रहे हैं, विडियो शेयर करने के लिए अपने वीडियो को facebook/youtube पर शेयर करें और उसके Link को PDF में अपने IDEA के साथ www.mp.mygov.in पर सबमिट करें)।
• प्रतिभागी को अपना नाम,पता, ई-मेल एड्रेस और फ़ोन नंबर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
• प्रविष्टियों का चयन EPCO के विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया जायेगा एवं पैनल का अंतिम निर्णय ही मान्य होगा।
• फोटो अथवा वीडियो में किसी भी प्रकार की सामग्री या कोई भी तत्व गैरकानूनी नहीं होना चाहिए।
• चयनित प्रविष्टि के सर्वाधिकार कार्यपालन संचालक एप्को (EPCO), मध्य प्रदेश की संपत्ति होगी एवं इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार सुरक्षित होगा।
• कृपया अपनी प्रविष्टि दिनांक 24 नवम्बर, 2018 अथवा उससे पूर्व भेजे I
• प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि:
a) उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तों का अनुपालन किया है।
b) उनकी प्रविष्टियां मूल हैं।
c) उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन ना करती हो |

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Rajendra jatav 7 years 5 months ago

दिवाली राष्ट्रीय पर्व है प्रदूषण मुक्त दिवाली पर पटाखे नही जलने चाहहिये, बाजार से सामान लेने के लिए कपडे तले का उपयोग दिए जलाये न की प्लास्टिक से बनी लाइट और अर्टिफिकेल न लगाएं फूलो और कागज से डिजाइन बांये और उन्हें सजाये बाजार से बनी कुछ भी सामानन लेकर घर में बनाये । दिवाली पर 1 पेड़ जरूर लगाये । तस्वीरे न लाये वल्कि मूर्ति लाये हमेशा के लिए ।
Name.Rajendra jatav S/0 Patiram jatav gmail, rajendrajatav6@gmail.com
Mo.7247512001 add-h.no 687 nai basti bagmugaliya bhopal mp 462043

ravi kumar gupta 7 years 5 months ago

हम 'ग्रीन दिवाली' मनाने की ओर कदम बढ़ाएं, जो प्रदूषण से रहित है

File: 

ASHISH KUMAR RAIDAS 7 years 6 months ago

दीवाली का त्योहार हमारी संस्कृति, परंपरा तथा रिवाजों का अत्यंत प्राचीन अंग है। इसलिए इस दिन को सिर्फ धूम-धाम या आतिशबाजी के साथ ही न बिताएं। इस दिन हम अपनी संस्कृति के विकास के लिए भी प्रयास कर सकते हैं। अगर हम त्योहारों के आयोजन के तरीके को थोडा बदल दें तो अपने देश से दूर रहने वाले लोग भी अपने संस्कारों से रूबरू हो सकते हैं।पटाखों के प्रदुषण से अच्छा बच्चो को अल्पना या रंगोली बनाना सिखाएं, दीपक के अलावा बिजली के कम वाट के बल्व का उपयोग करें, जिससे ज्यादा बिजली भी न खर्च हो

File: 

Amol Nanajkar 7 years 6 months ago

इस दीपावली फटाके नही फोडेंगे
जब दियो से होता है उजाला तो क्यो ले फटाको का सहारा
प्रदूषण मुक्त दीपावली शुभ और सुरक्षित दीपावली

File: 
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