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मनाये प्रदूषण मुक्त दिवाली, संरक्षित करे हरियाली
‘दीपावली’ अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की कामना... ...

‘दीपावली’ अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की कामना...
वास्तव में दीपावली कोई एक दिवसीय पर्व नही, अपितु यह अनेकों त्योहारों का समूह है, इसलिए इसे उत्सवों का मौसम भी कहा जाता है जिसे हम बहुत उमंग, उत्साह, आनंद और खुशियों के रंग के साथ मनाते हैं। हम इसे 'प्रकाश का उत्सव' भी कहते हैं क्योंकि यह हमारे जीवन को खुशी से प्रकाशित करता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अंधेरे पर प्रकाश, अज्ञानता पर ज्ञान और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक है।
न जाने खुशियों और उल्लास के कितने रंग समाहित हैं इस पर्व में, परन्तु आज यह उत्सव सिर्फ पटाखों की तेज़ आवाजों और हानिकारक धुएँ का प्रतीक बन कर रह गया है, जिनकी वजह से होने वाला ध्वनि एवं वायु प्रदूषण न केवल हमारे लिए बल्कि हमारे पूरे पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
तो आइए इस बार हम सब पर्यावरण को बिना प्रदूषित किये दीपावली के उत्सव को मनाएं। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (EPCO) इस वर्ष ‘प्रदूषण मुक्त दीपावली उत्सव’ मनाने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है जो निश्चित ही प्रदूषण मुक्त पर्यावरण बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल होगी।
आप इस वर्ष पर्यावरण को बिना हानि पहुचाये, प्रदूषण रहित दीपावली कैसे मनाएंगे जो ‘हरित दीपावली’ शब्द को सार्थक करके समाज के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत कर सके? अभियान का उद्देश्य जन सामान्य को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए प्रेरित कर पर्यावरण को संरक्षित करना है। प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के व्यवहारिक IDEA को हमसे साझा करें।
चयनित पाँच प्रविष्टियों को रूपये 1,000/- के प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तें -
• देश का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में सहभागिता कर सकता है।
• प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियो को www.mp.mygov.in पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है । प्रतिभागी https://mp.mygov.in/user/register/ पर जा कर स्वयं को रजिस्टर कर सकते है |
• एक प्रतिभागी द्वारा केवल एक प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी एक से अधिक प्रविष्टियाँ किसी भी प्रतिभागी के द्वारा स्वीकार्य नहीं की जाएंगी।
• सभी प्रविष्टियां केवल www.mp.mygov.in पर सबमिट की जानी चाहिए।
• Idea सुझाने के पीछे क्या तर्क है, इसका स्पष्टीकरण दें (अधिकतम 50 शब्दों में)
• कृपया अपने Idea को PDF/Word फॉर्मेट के साथ-साथ फोटो या वीडियो भी अपलोड करें (फोटो अथवा वीडियो से अर्थ है कि आप किस तरह दीपावली को बिना प्रदूषण के मना रहे हैं, विडियो शेयर करने के लिए अपने वीडियो को facebook/youtube पर शेयर करें और उसके Link को PDF में अपने IDEA के साथ www.mp.mygov.in पर सबमिट करें)।
• प्रतिभागी को अपना नाम,पता, ई-मेल एड्रेस और फ़ोन नंबर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
• प्रविष्टियों का चयन EPCO के विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया जायेगा एवं पैनल का अंतिम निर्णय ही मान्य होगा।
• फोटो अथवा वीडियो में किसी भी प्रकार की सामग्री या कोई भी तत्व गैरकानूनी नहीं होना चाहिए।
• चयनित प्रविष्टि के सर्वाधिकार कार्यपालन संचालक एप्को (EPCO), मध्य प्रदेश की संपत्ति होगी एवं इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार सुरक्षित होगा।
• कृपया अपनी प्रविष्टि दिनांक 24 नवम्बर, 2018 अथवा उससे पूर्व भेजे I
• प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि:
a) उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तों का अनुपालन किया है।
b) उनकी प्रविष्टियां मूल हैं।
c) उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन ना करती हो |








hemlata vishwakarma 7 years 5 months ago
मैं और मेरी सहेलियों ने दीवाली के अवसर पर हॉस्टल को फूलों से सजाया..रंगोली बनाई ..और मिट्टी के दीप जलाएं...इसके बाद भगवान की पूजा-अर्चना कर सब ने मिलकर खूब डांस किया...हमारी दीवाली में पटाखों के लिए कोई स्थान नहीं था..सब कुछ प्रकृति और बेहतर स्वास्थ्य के अनुकूल था...
shreeram dhidhariya 7 years 5 months ago
I am shreeram dhidhariya participating in MpMyGov's competition on suggesting ways to celebrate a pollution free diwali.
I do cretify that submitted entry by me is my own creation and doesnt violate any copyright.
Shreeramdhidhariya7@gmail.com
9982646866
#MpMyGov
#PollutionFreeDiwali
SUDARSHAN SOLANKI 7 years 5 months ago
संलग्न - PDF फाइल।
VIPIN PANDEY 7 years 5 months ago
सभी लॊगॊ सॆ प्रर्थ्ना है कि प्रदुशन् मुक्त् दीवाली मनायॆ
Shelly Jain 7 years 5 months ago
दीपावली का त्योहार नयी फसल के आने के बाद मनाया जाता है। भगवान् राम के वनवास उपरांत अयोध्या वापसी की खुशी में भी मनाया जाता है। जैन धर्म में भगवान् महावीर स्वामी के निर्वाण उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पटाखों का वर्णन किसी भी धार्मिक ग्रंथ में नहीं मिलता है। दिवाली के दिन शुद्ध घी या तेल के दीपक जलाएं। व अपने सामर्थ्य अनुसार किसी गरीब को मिठाई दें। पटाखे न केवल प्रदूषण करते हैं वरन सुक्ष्म जीवों को भी मारते हैं। कई चिड़ियों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। मित्रों व परिवार के साथ मिलें।
Aakanksha Maravi 7 years 5 months ago
This Diwali I am going to pledge for using the paper or fabric in place of plastic or polythene.I will always keep a fabric bag in my purse to use whenever i need to purchase any stuff and will say no to plastic to shopkeeper with a smile.This would be my small contribution towards our beautiful planet and marine species who get choked and killed because of plastic trash in marine ecosystem.
Vinay Raikwar 7 years 5 months ago
Green Diwali without crakers and with Indian products
Prakash Rathore 7 years 5 months ago
Hame patake nhe chalna chahiye
Santanu Datta 7 years 5 months ago
New thinking of celebrating dewali without producing waste and not creating pollution. This process will make children more interesting to love plantation. Let us begin a new horizon of deepabali. Santanu Datta ; santanudatta874@gmail.com 8967182336
Ankita pathak 7 years 5 months ago
Jyada tez abaz bali aatishbazi ka use na kre Jyada se Jyada tree plantation kre ghar m Jo bhi waste material nikl use recycle kre use fenke nahi nahi use jalaya jaye.ar air pollution kam se km kre..