- Competitions on COVID-19 Appropriate Behaviour
- Creative Corner
- Creative Quarantine
- Department of Culture
- Department of Farmers welfare and Agriculture Development
- Department of Mines and Minerals
- Department of School Education - Madhya Pradesh
- Dil Se CM Radio Program
- Lok Seva Department
- Madhya Pradesh Tourism Department
- Smart City Bhopal
- आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण
- कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग
- तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग
- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
- नया मध्यप्रदेश
- मध्य प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड
- मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
- मध्यप्रदेश वन विभाग की वन्यजीव शाखा
- मध्यप्रदेश सरकार का सफल 1 वर्ष
- माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश
- लोक स्वास्थ्य विभाग, मध्य प्रदेश
- संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण विभाग
- सामाजिक न्याय एवं निशक्त जन कल्याण विभाग
- स्तनपान शिशु के जीवन का आधार
आकर्षक स्लोगन भेजें और पुरस्कार जीतें
‘मातृ वंदना सप्ताह’ के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग, ...

‘मातृ वंदना सप्ताह’ के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा ‘सुरक्षित जननी-विकसित धारिणी’ विषय पर स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत दिनांक 02 से 08 दिसंबर, 2019 तक ‘मातृ वंदना सप्ताह’ मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के अंतर्गत पात्र हितग्राही महिला (प्रथम प्रसव वाली गर्भवती महिलायें एवं शिशुवती माताएँ) को मजदूरी हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में मातृत्व लाभ की राशि उनके आधार से जुड़े बैंक या डाकघर खाते मे सीधे जमा किया जाना है
महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ स्लोगन को दो-दो हजार के पुरस्कार दिये जायेंगे।
प्रतियोगिता की शर्तें :
• भारत का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में सहभागिता कर सकता है।
• प्रति नागरिक केवल एक ही प्रविष्टि स्वीकार की जाएगी।
• स्लोगन आकर्षक हो तथा अधिकतम 20 शब्दों का हो।
• प्रविष्टि को उसके लॉग-इन विवरण के आधार पर ही प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा।
• पुरस्कार के लिये चयनित प्रविष्टियों के कहीं भी उपयोग का सर्वाधिकार महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश के पास सुरक्षित रहेगा।
• श्रेष्ठ प्रविष्टि का चयन महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा किया जायेगा और उनका निर्णय अंतिम होगा।
• स्लोगन राष्ट्रभाषा हिंदी में ही स्वीकार्य होंगे।
• प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि उनके नाम, पता, ई-मेल एवं फोन नंबर जैसे विवरण शामिल है। अपूर्ण प्रोफाइल के साथ प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
• प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी यह सुनिश्चित करें कि :-
1. उन्होंने प्रवेश की सभी शर्तो का अनुपालन किया है।
2. उनकीं प्रविष्टियां मूल है।
3. उनकी प्रविष्टियां किसी भी तीसरे पक्ष की बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का उल्लंघन नहीं करती हैं।








Jitendra Singh Rajpoot 6 years 3 months ago
माता में ही शाक्ति है,
जिससे जीवन की उत्पत्ति है।
माता नमः
जितेंद्र सिंह राजपूत
राष्ट्रीय सेवा योजना के पी कॉलेज देवास
Dr Dinesh Choudhari 6 years 3 months ago
स्लोगन -
" हर परिवार में
'स्वस्थ माँ',
देश के
भूत , वर्त्तमान और भविष्यकाल
के
स्वस्थ एवं सुरक्षित होने का द्योतक है !"
..............................................
नाम -डॉ दिनेश चौधरी
पता -डी-25, आम्र स्टेट , नयापुरा, कोलार रोड, भोपाल म.प्र .462042
ई मेल drdinessh@rediffmail.com
मोबाईल 9407486808 , 9827065462
pradeep gautam suman 6 years 3 months ago
*सुरक्षित जननी विकसित धारणी स्लोगन प्रतियोगिता*
शुद्ध भावनाएं
सुरक्षित माताएं ।
●
जीवन रहे सुरक्षित
देखो सदा मातृ हित ।
●
सबका होगा कल्याण
जननी का रखना ध्यान ।
●
जहां जननी होती है सम्मानित
जीवन रहता सदा सुरक्षित ।
●
कद्र करो जननी का
फिक्र करो सुरक्षा का ।
Shlok Shrivastava 6 years 3 months ago
जननी की सुरक्षा धारिणी का विकास, माँ की ममता को मिला उपहार
Nasim Kutchi 6 years 3 months ago
SLOGAN- "MAA TUJHE SALAM"
Name- Nasim kutchi
email id--nasimkutchi.110308@gmail.com
mobile no--9874949786
address- Nasim kutchi,c/o kutchi tour and travels, j.k.college road purulia west bengal pin no--723101.
Sony Rajput 6 years 3 months ago
नारी से नागरिकता के विकास तक
Satish R Suryawanshi 6 years 3 months ago
सुरक्षित जननी सुरक्षित भारत
SARVENDRA RAI 6 years 3 months ago
"अगर माँ के हो मजबूत इरादे,तो आसमान से मुझको कौन निकाले।"
SARVENDRA RAI 6 years 3 months ago
अगर माँ के हो मजबूत इरादे,तो आसमान से मुझको कौन निकाले।
Darshit jain 6 years 3 months ago
सुरक्षित प्रसूता - विकसित अर्धांगिनी।